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हरिद्वार: सुनील राठी...अपराध और खौफ का दूसरा नाम। यूपी और उत्तराखंड का नंबर वन डॉन कहे जाने वाला सुनील राठी नाटकीय घटनाक्रम के तहत तिहाड़ जेल से शिफ्ट होकर हरिद्वार पहुंच गया।
फिलहाल रोशनाबाद जेल में बंद सुनील राठी जेल में बंद रहकर भी अपराध की दुनिया में धमक बढ़ाने के लिए जाना जाता है। उस पर एक अन्य कुख्यात मुन्ना बजरंगी को जेल के अंदर मारने का आरोप है। सुनील राठी की यूपी-उत्तराखंड के अलावा हरियाणा और पंजाब में भी खासी धमक है। अपराध जगत में अपना दबदबा रखने वाले सुनील राठी ने दिल्ली में भी कुछ वारदातों को अंजाम दिया है। यहां आपको सुनील राठी की क्राइम कुंडली के बारे में भी बताते हैं। कहते हैं कि सुनील राठी ने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए अपराध की दुनिया में एंट्री की थी, लेकिन वापस नहीं लौट सका। बात साल 1999 की है। बागपत जिले के टिकरी नगर पंचायत के अध्यक्ष और सुनील राठी के पिता नरेश राठी की हत्या कर दी गई थी। राठी उस वक्त सिर्फ 21 साल का था। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए राठी ने अपराध की दुनिया में एंट्री की और इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।आगे पढ़िए
रुड़की का राधेश्याम हत्याकांड हो या फिर रुड़की के डिप्टी जेलर नरेंद्र खम्पा की हत्या, सुनील राठी का नाम बड़े अपराधों में गूंजता रहा। साल 2018 में बागपत जेल में उसने मुख्तार अंसारी गैंग के प्रमुख सदस्य प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राठी के खिलाफ कुल 18 केस लंबित हैं, जिनमें 10 मुकदमे उत्तर प्रदेश और आठ उत्तराखंड में है। सुनील राठी 20 साल से जेल के भीतर रहकर तीन राज्यों में अपना नेटवर्क चला रहा है। फिलहाल उसे एकांत में मौजूद बैरक में रखा गया है। उससे किसी को मिलने-जुलने की इजाजत भी नहीं है। जिला कारागार रोशनाबाद में राठी का खास गुर्गा कुख्यात प्रवीण वाल्मीकि पहले से बंद है। इसलिए जेल प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है। सुनील राठी के हरिद्वार जेल में पहुंचने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों की टेंशन भी बढ़ गई है, जेल प्रशासन राठी को लेकर खास सतर्कता बरत रहा है।