पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सोशल मीडिया पोस्ट पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विजय बहुगुणा के दल बदल को लेकर शुरू हुई बयानबाजी से उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Harish Rawat Post Triggers Fresh Political Row in Uttarakhand
देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर बहुगुणा परिवार को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा पर की गई टिप्पणी को लेकर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
Harish Rawat's Post Triggers Fresh Political Row in Uttarakhand
हरीश रावत ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह लंबे समय तक यह मानते रहे कि पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे, लेकिन आखिरकार उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। पोस्ट में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता हेमवती नंदन बहुगुणा का भी उल्लेख किया। इस पोस्ट के सामने आते ही उत्तराखंड की राजनीति में बहुगुणा परिवार को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
सौरभ बहुगुणा ने दिया तीखा जवाब
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने हरीश रावत पर पलटवार करते हुए कहा कि अब उनकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा का उत्तराखंड और देश की राजनीति में ऐतिहासिक योगदान रहा है और उनके नाम को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। आगे पढ़िए..
सौरभ बहुगुणा ने कहा कि यदि किसी पर राजनीतिक टिप्पणी करनी है तो सीधे संबंधित व्यक्ति पर करें, लेकिन दिवंगत नेताओं की विरासत का सम्मान बनाए रखना चाहिए।
2016 का राजनीतिक घटनाक्रम फिर चर्चा में
यह विवाद वर्ष 2016 के उस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की याद दिलाता है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार के दौरान विजय बहुगुणा समेत कई कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। उस घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया था और कांग्रेस सरकार गंभीर राजनीतिक संकट में आ गई थी। अब कई वर्षों बाद हरीश रावत द्वारा उसी मुद्दे का फिर से जिक्र किए जाने पर सियासी माहौल गर्म हो गया है।
विजय बहुगुणा की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
अब तक इस पूरे मामले में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बहुगुणा परिवार का उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रहा है, इसलिए इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है।