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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
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हरिद्वार: हमारी अगली खबर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी है। पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है जो रेलवे स्टेशनों पर भूले-भटके बच्चों को आसान शिकार बनाकर उन्हें बेच दिया करता था।
आरोपी पर एक नाबालिग से दुष्कर्म का भी आरोप है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल बीते 21 अगस्त को हरिद्वार के लक्सर में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया कि एक अज्ञात शख्स ने उसकी नाबालिग बेटी से होटल में गलत काम किया। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम मोहम्मद मुस्ताक कादरी पुत्र अकील अहमद है। वो यूपी के बदायूं का रहने वाला है। 16 नवंबर को आरोपी की लक्सर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने नाबालिक बच्ची संग लॉज में दुष्कर्म करने की बात कबूली। तलाशी लेने पर मोहम्मद मुस्ताक कादरी के पास से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले, जिससे उसके ह्यूमन ट्रैफिकिंग में लिप्त होने का शक हुआ। आगे पढ़िए
पुलिस ने सख्ती की तो आरोपी ने दो बच्चों को चोरी कर उन्हें बेचने की बात कबूली। आरोपी ने लोगों की नजरों में धूल झोंकने के लिए चाइल्ड लाइन व प्रयास अनाथालय दिल्ली के फर्जी दस्तावेज बनाए हुए थे। वह सिडकुल में किराए के कमरे में रहता था। मुस्ताक रेलवे स्टेशनों पर भूले भटके बच्चों को चोरी करने के बाद उन्हें जरूरतमंद लोगों को बेच दिया करता था। उसने एक बच्चे को दिल्ली बस अड्डे से और दूसरे को गाजियाबाद से चोरी कर उन्हें देहरादून और बदायूं में बेच दिया था। आरोपी का अपराधिक इतिहास भी रहा है। हरिद्वार पुलिस के प्रयास से दोनों अपहृत बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है, जो कि अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुस्ताक कादरी बेहद शातिर अपराधी है। वह बच्चों को गोद दिलाने के नाम पर लोगों से कई-कई लाख रुपये वसूल चुका है। उसके खिलाफ अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।