हरीश रावत ने मां की सौगंध खाकर नौकरी या राजनीतिक पद के बदले पैसा लेने के आरोपों से इनकार किया और कहा- चाय-पानी तक नहीं लिया। चंदन सिंह जीना पर ईडी कार्रवाई के बीच रावत ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश हो रही है..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Harish Rawat Denies Taking Money for Jobs Swears by His Mother
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर भावुक अंदाज में सफाई दी है। सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में उन्होंने अपनी मां की सौगंध खाते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए। रावत ने यहां तक कहा कि पैसा लेना तो दूर, उन्होंने किसी से इसके बदले चाय या पानी तक नहीं पिया।
Harish Rawat Denies Taking Money for Jobs, Swears by His Mother
रावत का यह बयान उनके पूर्व ओएसडी/पीए चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई के बाद सामने आया है। ईडी की कार्रवाई में नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद होने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, इन बरामदगियों को हरीश रावत द्वारा व्यक्तिगत रूप से पैसा लेने का प्रमाण नहीं माना जा सकता; रावत ने खुद ऐसे आरोपों से इनकार किया है।
'उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने की कोशिश'
हरीश रावत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनके खिलाफ कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और अखबारों के माध्यम से अभियान चलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लिखा कि उनकी तीन माताएं हैं—जगत जननी, देवी भवानी और उत्तराखंड की धरती मां। रावत ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में उन पर कलंक लगाने का प्रयास किया जा रहा है और वह इस कलंक के साथ नहीं मरना चाहते। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को एक नियोजित तरीके से बदनाम करने की कोशिश बताया है। ये उनके अपने आरोप हैं। आगे पढ़िए..
'नौकरी या राजनीतिक पद के बदले कभी पैसा नहीं लिया'
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हजारों लोगों के काम के लिए सिफारिश की है। उनका कहना है कि लोगों ने उनकी मदद भी की है, लेकिन उन्होंने किसी को नौकरी या राजनीतिक पद दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए। रावत ने मां की सौगंध लेते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी चीज के बदले पैसा लिया हो तो उनकी मां उन्हें श्राप दें। उन्होंने कहा कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देने के लिए लोगों के बीच जाएंगे और सच सामने रखने का प्रयास करेंगे।
चंदन सिंह जीना को लेकर भी जताई चिंता
हरीश रावत ने अपने पूर्व ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जीना ने लंबे समय तक उनके साथ काम किया और अब उनकी संपत्ति पर कार्रवाई के बाद उनके सामने परिवार और बच्चों की आजीविका को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।
ईडी की कार्रवाई के संबंध में रिपोर्टों के मुताबिक, जीना के परिसरों से करीब ₹32 लाख नकद, सोना और 12 महंगी घड़ियां जब्त किए जाने की बात सामने आई थी। ईडी की कार्रवाई 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा बताई गई है।
पहले भी लगाए गए आरोपों का किया जिक्र
रावत ने अपने बयान में 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान अपने खिलाफ चले कथित दुष्प्रचार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले भी उन पर अलग-अलग तरह के आरोप लगाए गए, लेकिन उन्हें लेकर अब तक कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि इस बार भी वह अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के खिलाफ जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेंगे। रावत का यह बयान ऐसे समय आया है जब चंदन सिंह जीना से जुड़ी ईडी कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है।