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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा ने इस बार कई नए रिकॉर्ड बनाए। प्रदेश के मंदिरों में भक्तों ने इतना सोना और नकदी दी कि मंदिर समिति का खजाना भर गया।
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में रही तो वहीं उनसे मिलने वाला दान करोड़ों में। यात्रियों ने इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम को 60 करोड़ का दान दिया। इतना ही नहीं महाराष्ट्र के एक दानी ने तो केदारनाथ धाम के गर्भगृह को ही सोने से मढ़ दिया। यात्रा काल समाप्त होने के बाद अब शीतकालीन पूजा स्थलों के समुचित प्रबंधन और विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा को लेकर पर्यटकों ने जो उत्साह दिखाया, उससे श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति गदगद है। समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस बार 1763549 तीर्थ यात्री बदरीनाथ और 1563275 तीर्थ यात्री केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे। बीते सीजन में दोनों धामों में दर्शन करने वाले कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 33.26 लाख रही। जिससे दोनों धाम में 60 करोड़ की धनराशि दानस्वरूप प्राप्त हुई
जोशीमठ स्थित कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि सबसे ज्यादा दान बदरीनाथ धाम को मिला। बदरीनाथ धाम को 34.5 करोड़ की आय हुई, जबकि वर्ष 2019 में धाम को 27 करोड़ की आय हुई थी। इसी तरह केदारनाथ धाम को इस बार 25.5 करोड़ की आय हुई, जबकि वर्ष 2019 में 17.5 करोड़ की आय हुई थी। अब बदरी-केदार मंदिर समिति का पूरा ध्यान शीतकालीन पूजा स्थलों के समुचित प्रबंधन और विकास पर है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के पूजा स्थलों में निर्माण कार्य चल रहे हैं। भगवान बदरी नारायण के शीतकालीन गद्दीस्थल जोशीमठ स्थित नृसिंह बदरी मंदिर में पार्किंग और योग-ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर में सुंदरीकरण का काम किया जा रहा है। इसी तरह केदारनाथ धाम में भगवान ईशानेश्वर मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के विस्तारीकरण पर भी काम चल रहा है। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।