दो दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इससे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो जाएगा।
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कोमल नेगी
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Image: uttarakhand weather report 30 november
रुद्रप्रयाग: नवंबर की विदाई का वक्त करीब आते ही तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है, मैदानी क्षेत्र भी कोहरे की चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं।
uttarakhand weather report 30 november
मौसम विशेषज्ञों का पूर्वानुमान है कि सप्ताह के अंत तक ठिठुरन और बढ़ेगी। पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में भी ठिठुरन बढ़ाएंगी। दो दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने की संभावना है। इसके असर से हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर सर्द हवाएं मैदानों की ओर आएंगी। जिसके बाद चार दिसंबर से मैदानी इलाकों सहित प्रदेश के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। इन दिनों कुमाऊं के पर्यटन स्थलों के आसपास भी ठंड बढ़ गई है।
जागेश्वर कौसानी नैनीताल आदि जगहों पर सात से आठ डिग्री तापमान पहुंचने से सुबह व रात के समय कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है। इसी तरह चंपावत व अल्मोड़ा में रात को पारा तीन से चार डिग्री के करीब पहुंच रहा है। मंगलवार को पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत और बागेश्वर में तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। नैनीताल में तापमान स्थिर रहा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार को अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 12 से 16 डिग्री के आसपास अंतर रह सकता है। फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार उत्तर भारत में अक्टूबर और नवंबर में पश्चिमी विक्षोभ कम सक्रिय रहता है। दिसंबर में इसकी सक्रियता बढ़ती है। दिसंबर की शुरुआत होते ही एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पूरे उत्तर भारत में बारिश होगी।