देश में कोरोना का नया वैरियंट पैर पसारने लगा है, लेकिन देहरादून हवाई अड्डे पर कोरोना जांच को लेकर अभी तक कोई तैयारी नहीं की गई।
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कोमल नेगी
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Image: Corona BF 7 variant no testing at Dehradun airport
देहरादून: चीन में कोरोना के विस्फोटक हालात बने हुए हैं। अस्पतालों और श्मशान घाटों पर लोगों की कतारें लगी हैं, हर तरफ तबाही का मंजर दिख रहा है, लेकिन चीन हालात पर काबू पाने के बजाय खतरे को और बढ़ा रहा है। चीन ने पासपोर्ट और वीजा फिर से जारी करने का निर्णय लिया है, जाहिर सी बात है इस फैसले के चलते पूरी दुनिया में कोविड नए सिरे से फैलने का खतरा बढ़ गया है। इतना ही नहीं बीते दिन चीन से इटली पहुंची एक फ्लाइट के आधे यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए। बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत व अमेरिका समेत सात देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए विमान में सवार होने से पहले कोविड निगेटिव रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य कर दिया है। भारत के स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को चीन से आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर जांच अनिवार्य कर दी है। यह जांच चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से भारत आने वालों के लिए जरूरी होगी। आगे पढ़िए
Corona BF.7 variant no testing at Dehradun airport
कुल मिलाकर हर देश सतर्कता बरत रहा है, लेकिन बात करें उत्तराखंड की तो यहां अब भी कोरोना को लेकर लोग गंभीर नजर नहीं आ रहे। देहरादून एयरपोर्ट पर कोरोना संबंधी टेस्टिंग नहीं हो रही। देश में कोरोना का नया वैरियंट पैर पसारने लग गया है। इसके बावजूद भी देहरादून हवाई अड्डे पर कोरोना जांच को लेकर अभी तक कोई तैयारी नहीं की गई है। यहां से हर दिन विभिन्न शहरों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। विभिन्न शहरों से यात्री यहां पहुंच रहे हैं। कई विदेशी यात्री भी उत्तराखंड में लगातार आवाजाही करते रहते हैं। देहरादून हवाई अड्डे पर वर्तमान में लगभग 18 फ्लाइट रोजाना आवागमन कर रही हैं। इसके बावजूद एयरपोर्ट पर कोरोना जांच की व्यवस्था न होना, हद दर्जे की लापरवाही है। यही हाल रेलवे स्टेशनों का भी है। यहां भी सतर्कता नहीं बरती जा रही। लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग भी भूल चुके हैं। यही हाल रहा तो स्थिति एक बार फिर भयावह हो सकती है।