ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन ने मिटा दिया इस गांव का अस्तित्व, घर छोड़ने को तैयार 70 परिवार

Rishikesh Karnaprayag Rail Line की वजह से मरोड़ा गांव संकट में है। 70 परिवार बसे थे, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है।
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Rishikesh Karnprayag rail line maroda village: Rishikesh Karnaprayag Rail Line Rudraprayag Maroda Village
Image: Rishikesh Karnaprayag Rail Line Rudraprayag Maroda Village

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में चल रही विकास परियोजनाएं कई गांवों का अस्तित्व लील चुकी हैं। जोशीमठ में क्या हो रहा है, ये हम सब देख रहे हैं। अब रुद्रप्रयाग से भी एक डराने वाली तस्वीर आई है।

Rudraprayag Maroda Village in danger due to Rail Line

यहां ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम चल रहा है। जिसके चलते अगस्त्यमुनि ब्लॉक के मरोड़ा गांव के विस्थापन की जरूरत आन पड़ी है। भूधंसाव के चलते यहां कई घर जमींदोज हो चुके हैं, कई घरों पर मोटी-मोटी दरारें पड़ी हुई हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए अब उन्हें किसी और जगह बसाया जाएगा। आगे पढ़िए

मरोड़ा गांव में 70 परिवार बसे थे, जिन्हें शिफ्ट किया जाना है। प्रभावितों के लिए मुआवजा वितरण के लिए 21 करोड़ की धनराशि प्राप्त हो चुकी है। एक सप्ताह बाद प्रभावित को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रेलवे की ओर से प्रशासन को 21 करोड़ रुपये दिए गए हैं। अभी यहां दूसरी जगहों पर रह रहे 27 परिवारों को किराए की राशि दी जा रही है, जबकि 10 से 12 परिवारों के लिए टिनशेड बनाए गए हैं। डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि प्रभावित परिवारों के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांव में 70 परिवार प्रभावित हैं, जिन्हें सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की राशि दी जाएगी।