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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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टिहरी गढ़वाल: अगली बार आपके घर में कोई बीमार पड़े और आप किसी डॉक्टर के पास उसको लेकर जाएं तो जरा सावधान हो जाइए क्योंकि हो सकता है कि वह डॉक्टर भी फर्जी निकले।
ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, ऐसा उत्तराखंड में सच में हुआ है। उत्तराखंड में आए दिन फर्जी डॉक्टर पकड़ में आ रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में पुलिस अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब टिहरी जिले से एक और फर्जी का भंडाफोड़ हुआ है। फर्जी चिकित्सक की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि जांच में टिहरी में फर्जी बीएएमएस डिग्री से एक डॉक्टर की ओर से प्रैक्टिस का पता चला था।आरोपी डॉक्टर ने वर्ष 1991 में बीईएमएस की डिग्री ली थी। इसके बाद वर्ष 2017 में आरोपी की मुलाकात इमलाख से हुई। इमलाख ने ही आरोपी को छह लाख रुपये में फर्जी बीएएमएस की डिग्री देने के साथ ही भारतीय चिकित्सा परिषद में पंजीकरण करवाया था।
लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह फर्जी डॉक्टर पकड़ में कैसे आया।मंगलवार को एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पुलिस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता में एक और फर्जी चिकित्सक की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि जांच में टिहरी में फर्जी बीएएमएस डिग्री से एक डॉक्टर की ओर से प्रैक्टिस का पता चला था। इसके बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने सोमवार देर शाम फर्जी डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को टिहरी गढ़वाल से गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि एसटीएफ ने प्रदेशभर में कई फर्जी डॉक्टरों की डिग्री का खुलासा किया था। इसके बाद इसकी जांच पुलिस को सौंप दी थी। अभी तक पुलिस प्रकरण में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिसमें फर्जी डॉक्टर और डिग्री बांटने वाले व भारतीय चिकित्सा परिषद के कर्मचारी भी शामिल हैं।