Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
देहरादून: अप्रैल में चारधाम यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। शासन-प्रशासन ने यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
यात्राकाल में भीड़भाड़ के चलते यात्रियों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी कड़ी में चारधाम दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थ यात्रियों के वाहनों को सिर्फ दिन में एंट्री देने का निर्णय लिया गया है। अगर आप भी चारधाम यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि तीर्थ यात्रियों के वाहन सिर्फ दिन में ही चल सकेंगे। रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक किसी भी यात्री वाहन को जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। रात में सिर्फ मालवाहक वाहनों को ही यात्रा मार्गों पर आवागमन की छूट होगी। इसके अलावा इस बार निजी वाहन वाले यात्रियों के लिए भी ट्रिप कार्ड अनिवार्य किया गया है।
ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनाने के लिए परिवहन विभाग का मोबाइल ऐप अप्रैल के पहले हफ्ते में लांच होगा। यात्रा के संचालन के लिए परिवहन विभाग एनआईसी की मदद से खास ऐप तैयार करवा रहा है। चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर गढ़वाल कमिश्नर सुशील कुमार अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने सड़क और दूसरी व्यवस्थाओं के बहाल न होने पर अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यात्रा से जुड़े इंतजामों को 31 मार्च तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। बैठक में आए अधिकारियों से गढ़वाल कमिश्नर ने सड़क, पेयजल और साफ-सफाई समेत अन्य इंतजामों का फीडबैक लिया। इस दौरान uttarakhand char dham yatra मार्गों की बदहाली का मुद्दा भी उठा। सड़कों की बदहाल हालत के लिए उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को यात्रा मार्गों की हालत सुधारने संबंधी कार्यों की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।