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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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टिहरी गढ़वाल: चंबा के निवासी इन दिनों खौफजदा हैं। वजह है विकास के नाम पर पहाड़ों को बर्बाद करने की आदत जो कि काफी पुरानी है।
अब ऋषिकेश - गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 94 पर बनी टनल को ही देख लीजिए, इस टनल में से कई जगहों पर दरार पड़ने से चंबा शहर वासियों में डर का माहौल है। स्थानीयों ने इस टनल में आई दरारों की भू-वैज्ञानिकों से जांच कराने की मांग की है मगर उसके अलावा भी बीआरओ और निर्माणदायी कंपनी ने अब तक चंबा टनल में आई दरारों का संज्ञान नहीं लिया है। बता दें कि इसी टनल के ऊपर चंबा शहर बसा हुआ है। यहां पर करीब 5 हजार से अधिक आबादी रहती है और इस टनल में दरार पड़ने से हजारों लोगों की जान खतरे की जद में आने की आशंका बन गई है। आगे पढ़िए
सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस टनल में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते इस टनल में दरारें आ गई है। लोगो ने जिला प्रशासन से इस टनल की जांच भूगर्भ वैज्ञानिकों से कराने की मांग की है। बता दें कि टिहरी जिले के चंबा के पास बीआरओ द्वारा 440 मीटर लंबी टनल बनाई गई है। लोगों का कहना है कि इस टनल में दरारें पड़ रही हैं। इस टनल को गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा पर आने-जाने वाले पर्यटकों के लिए बनाया गया है और अब इस टनल से सीधे गंगोत्री- यमुनोत्री जाने वाले यात्री बिना जाम के आ-जा सकते हैं, लेकिन सवाल यहां लोगों की जान का है। आजकल इस टनल में कई जगहों पर दरारें पड़ गई हैं, जिससे चंबा शहर वासियों में डर का माहौल बना है।