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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
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देहरादून: तुर्की-सीरिया में आए शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या 45,000 से ज्यादा हो गई है। पूरे विश्व में भूकंप से मची तबाही को लेकर चर्चा हो रही है, इस बीच वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड को लेकर एक डराने वाली बात कही है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तराखंड क्षेत्र में तुर्की-सीरिया से आए भूकंप से बड़ा भूकंप आने की आशंका है। वॉर्निंग दे दी गई है, हालांकि भूकंप के समय के बारे में वैज्ञानिक ठीक से जानकारी नहीं दे पाए हैं। इतना जरूर है कि विनाशकारी भूकंप कभी भी आ सकता है। उत्तराखंड में कम तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (National Geophysical Research Institute) के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. एन पूर्णचंद्र राव ने उत्तराखंड को लेकर वॉर्निंग जारी की है। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड में जमीन के अंदर ज्यादा स्ट्रेस बन रहा है और इस तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़ा भूकंप आ सकता है।
जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैले हिमालयन क्षेत्र में 8 से ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने की संभावना बनी हुई है। डॉ. राव ने कहा कि हिमालयन क्षेत्र में हमने 80 सिस्मिक स्टेशन (भूकंप सूचक स्टेशन) स्थापित किए हैं, जो उत्तराखंड पर केंद्रित हैं। निगरानी के दौरान पता चला है कि यहां काफी समय से स्ट्रेस इकट्ठा हो रहा है। हमारे जीपीएस नेटवर्क से जमीन के अंदर होने वाले बदलावों का पता चल रहा है। उत्तराखंड में कभी भी बहुत अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है। बता दें कि तुर्की में आए भूकंप की तीव्रता 7.8 रही थी। रिक्टर पैमाने पर 8 से ज्यादा तीव्रता का भूकंप बहुत तेज माना जाता है। वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड में तुर्की-सीरिया से बड़ा भूकंप आने की चेतावनी दी है।