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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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इस बाईपास के खुलने से उत्तराखंड और यूपी के बीच सफर आसान होगा। अभी लखनऊ की ओर से उत्तराखंड आने वाले वाहनों को शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है, ऐसे में यात्रियों को कई बार जाम का सामना करना पड़ता है। वाहनों को पीलीभीत को पार करने में तकरीबन एक घंटे का औसतन समय लग जाता है। बाईपास शुरू होगा तो मुसाफिरों को जाम से निजात मिलेगी, साथ ही शहर बाईपास करने में औसतन 15 मिनट का ही समय लगेगा। खटीमा बाईपास के निर्माण को साल 2019 में मंजूरी मिली थी। वर्तमान में लखनऊ की ओर से खटीमा, टनकपुर व उत्तराखंड के अन्य जिलों का सफर करने वाले वाहनों को शहर के अंदर से होकर गुजरना पड़ता है, ऐसे में कई बार रास्ते में जाम लग जाता है। आगे पढ़िए
बाईपास का निर्माण तो पूरा हो गया था, लेकिन रेलवे ओवरब्रिज को लेकर रेलवे व वन विभाग के बीच एनओसी को लेकर अड़चन लगी हुई थी। तमाम बैठकों के बाद ये अड़चन भी दूर हो गई, जिसके बाद ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में तेजी लाई गई। अब उम्मीद की जा रही है कि मार्च के आखिरी हफ्ते तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद अप्रैल से इस बाईपास पर वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक विजेंद्र मौर्य ने बताया कि अप्रैल से बाईपास पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बाईपास खुलने के बाद मुसाफिरों को जाम के झंझट से मुक्ति मिलेगी। शहर पार करने में एक घंटे की जगह 15 मिनट लगेंगे, जिससे सफर में लगने वाले 45 मिनट बचेंगे।