उत्तराखंड के 12 गांवों से गुजरेगा ग्रीनफील्ड हाईवे, जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक

पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के लिए हरिद्वार के 12 गांवों में जमीन खरीद-बिक्री और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। परियोजना से हरिद्वार को व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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Panipat Gorakhpur Greenfield Expressway: Greenfield highway to pass through 12 villages in Uttarakhand
Image: Greenfield highway to pass through 12 villages in Uttarakhand

हरिद्वार: पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हरिद्वार जनपद के लक्सर तहसील क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने 12 गांवों में भूमि खरीद-फरोख्त, बैनामा, भूमि उपयोग परिवर्तन और अनाधिकृत निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

Greenfield highway to pass through 12 villages in Uttarakhand

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल तक यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी। यह हाईवे कई महत्वपूर्ण जिलों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ते हुए परिवहन व्यवस्था को मजबूत करेगा। साथ ही हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष भूमि अध्यापन अधिकारी आकाश जोशी के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना के शामली-पुवायां फेज-1 के अंतर्गत भूमि अर्जन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह परियोजना पूरी होने के बाद हरिद्वार के औद्योगिक क्षेत्रों, व्यापारिक गतिविधियों और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

इन 12 गांवों में लागू हुआ प्रतिबंध

जिला प्रशासन द्वारा जिन गांवों में भूमि संबंधी प्रतिबंध लागू किया गया है, उनमें मदारपुर,मिर्जापुर उर्फ मोहनवाला, पौड़ोवाली, टांडा जलालपुर, प्रहलादपुर, रघुनाथपुर उर्फ बालावाली, बालचंदवाला, अलामपुर, हस्तमौली, शाहपुर, गिद्धावाली और कलसिया शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अब भूमि की खरीद-बिक्री, बैनामा, भूमि उपयोग परिवर्तन और किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर रोक रहेगी।ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण से हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इसके अलावा होटल व्यवसाय, ट्रांसपोर्ट कंपनियां, वेयरहाउसिंग सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों को भी बेहतर सड़क नेटवर्क का फायदा मिलेगा।

प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पानीपत-गोरखपुर ग्रीनफील्ड हाईवे उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक साबित हो सकता है। इससे माल परिवहन, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।