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चमोली: उत्तराखंड में एक एथलीट ने सरकारी नौकरी क्या मांगी के खेल मंत्री को जवाब देने के लिए सोशल मीडिया पर आना पड़ा।
हालांकि खेल मंत्री रेखा आर्य ने सोशल मीडिया पर जो दावा किया है, उस पर अब बवाल मचा हुआ है। एक खबर के मुताबिक अब मानसी ने भी अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू कर दिया है । मानसी ने रेलवे में नौकरी के लिए अप्लाई किया है। मानसी की प्रतिभा को देखते हुए उसके चयन की काफी संभावनाएं हैं। अगर मानसी को नौकरी मिलती है तो प्रदेश से एक स्वर्णिम प्रतिभा पलायन कर जाएगी। खुद मानसी नेगी ने ही मंत्री के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। आपको बता दें कि उत्तराखंड के चमोली जिले के मजोठी गांव की मानसी नेगी कई मेडल जीत चुकी है और नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुकी है। हाल ही में मानसी नेगी ने तमिलनाडु में है वॉक रेस में गोल्ड मेडल जीता और अपना दर्द बयां किया। मानसी नेगी ने कहा था कि वह हर बार खुद को साबित करती हैं लेकिन उन्हें अब तक एक सरकारी नौकरी नहीं मिली। इसके जवाब में खेल मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मानसी नेगी को 2017 में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सिलेक्ट किया गया था। आगे पढ़िए
हालांकि ये बात सामने आई है सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 2019 में खुला था। मानसी नेगी कह रही है कि वो 2018 में गोपेश्वर से देहरादून आई थी। ऐसे में जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उस दौरान खुला ही नहीं था, तो उसमें कैसे किसी खिलाड़ी का चयन कर लिया गया? मानसी नेगी का दावा है उसने 2019 में पुरुषों के लिए शुरू किए गए सेंटर में ज्वाइन किया था। कुछ मीडिया चैनलों से सोशल मीडिया मैं मानसी नेगी ने कहा कि मेडल जीतने पर उनको कैश अवार्ड मिलता है। सभी तरह के दस्तावेज जमा करने के बाद ही पैसा मिलता है। उनको पहली किश्त के रूप में 48000 रुपये 2020 में मिले थे। इसके बाद मानसी 2021 में मेडल लाई और उस वक्त कैश अवार्ड का पैसा 2022 में युवा महोत्सव के दौरान 87750 मिले। अगर मानसी नेगी के दावों में सच्चाई है तो खेल मंत्री रेखा आर्य किस आधार पर सोशल मीडिया पर दावे कर रही हैं? अगर हाल यही रहा तो उत्तराखंड राज्य के खिलाड़ियों का भविष्य कैसे संवरेगा?