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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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बागेश्वर: बच्चे चाहे इंसानों के हों या जानवरों के, उनको देख दिल करुणा से भर ही जाता है। गुलदार भले ही कितना भी खूंखार हो, उसके भी बच्चे होते तो आखिर बच्चे ही हैं। ऐसे में उनको भी देख दिल पसीज जाता है।
बागेश्वर जनपद के गरुड़ तहसील में भी ऐसा ही कुछ हुआ। यहां बंद पड़े मकान में मादा गुलदार ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इस दौरान गांववासियों को मादा गुलदार के तीन शावक खेलते हुए दिखाई दिए। जिन्हें देखकर लोग अपने को रोक नहीं पाए और उनसे दुलार करने लगे। उस समय उनकी मां आसपास नहीं थी। गुलदार के नन्हें शावकों की तस्वीर सामने आई है। तीनों आपस में चहलकदमी करते हुए काफी प्यारे लग रहे हैं। बता दें कि गरुड़ के सिरकोट गांव में मादा गुलदार ने तीन शावकों को जन्म दिया है। मादा गुलदार ने गांव में कुछ सालों से बंद मकान में शावकों को जन्म दिया है, जहां लोगों की आवाजाही नहीं थी।
मगर इससे लोगों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से गांव के आसपास गुलदार की धमक देखने को मिल रही थी। जब गांव वालों को पता लगा कि मादा गुलदार ने तीन शावकों को जन्म दिया है तो वे खौफ में आ गए। लोगों का मानना है कि मादा गुलदार शावकों को जन्म देने के बाद अब कुछ महीनों तक गांव के आसपास ही रहेगी। जबकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मादा गुलदार तीन में से दो शावकों को कहीं और ले गई है। वहीं एक शावक अभी भी घर में है। लोगों की सेफ्टी को मध्यनजर रखते हुए वन विभाग ने घर के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं। वहीं वन विभाग ने ग्रामीणों को भी सख्त हिदायत दी है कि वे गुलदार के शावकों के साथ छेड़छाड़ न करें।