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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: किंग कोबरा...दुनिया के सबसे खतरनाक जीवों में से एक। उत्तराखंड में किंग कोबरा के दिखने की घटनाएं बेहद दुलर्भ है।
इस बार वन विभाग की टीम ने मसूरी में एक किंग कोबरा को पकड़ा। दरअसल मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित एक रेस्टोरेंट में अचानक किंग कोबरा निकल आया। रेस्टोरेंट के टॉयलेट में किंग कोबरा होने का पता चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाद में वन विभाग को सूचना दी गई। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर किंग कोबरा को रेस्क्यू किया। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि इन दिनों किंग कोबरा का प्रजनन काल चल रहा है। ऐसे में हो सकता है कि मादा किंग कोबरा भी यहीं-कहीं छिपी हो। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। आगे पढ़िए
लोगों ने बताया कि किंग कोबरा विशाल आकार का था। वन विभाग की टीम को उसे पकड़ने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डीएफओ मसूरी आशुतोष सिंह ने कहा कि किंग कोबरा एपेक्स प्रीडेटर है, यानि भोजन श्रृंख्ला में इसका स्थान सबसे ऊपर है। किंग कोबरा सांपों को खाता है और इनकी संख्या को नियंत्रित करता है। कभी-कभी ये छिपकली और गिरगिट जैसे जीवों का भी शिकार करते हैं। उत्तराखंड में पहली बार साल 2006 में नैनीताल जिले की भवाली फॉरेस्ट रेंज में किंग कोबरा देखा गया था। इसके बाद साल 2012 में मुक्तेश्वर में 2303 मीटर की ऊंचाई पर किंग कोबरा का घोंसला दिखा। इतनी ऊंचाई पर किंग कोबरा का होना, दुनिया भर में एक रिकॉर्ड है। खास बात ये है कि राज्य में अभी तक किंग कोबरा के काटने की एक भी घटना दर्ज नहीं है।