Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में भू कानून की कितनी सख्त जरूरत है वह धीरे-धीरे सबके सामने उजागर हो रही है।
बाहरी राज्यों से लोग उत्तराखंड के जमीनों पर कब्जा कर बैठे हैं जिस वजह से पहाड़ों की सभ्यता, वहां की संस्कृति धूमिल होती नजर आ रही है। यह चिंता का विषय है कि उत्तराखंड में सरकार अब तक कोई सख्त कानून लाते नजर नहीं आ रही है। मगर इस पीछे पॉजिटिव साइन जरूर मिला है। बीते कुछ महीनों में सीएम पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सरकार जोरों शोरों से अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही करती नजर आ रही है। सरकार ने कई अतिक्रमण को ध्वस्त किया है और अब भी अतिक्रमण को ध्वस्त करने की यह प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यूपी दिल्ली-एनसीआर सहित देश के अन्य राज्यों से उत्तराखंड में बाहर जाने वाले लोग जमीन या मकान अब आसानी से नहीं खरीद सकेंगे और जमीन या मकान खरीदने वाले लोगों को पहले सत्यापन कराना होगा और उसके बाद ही वे लोग खरीदारी कर सकेंगे। आगे पढ़िए
सत्यापन अर्थात के जो भी उत्तराखंड में जमीन खरीद रहा है उसकी पृष्ठभूमि क्या है। क्या वह कोई क्रिमिनल तो नहीं है या फिर उसके परिवार में किसी प्रकार का कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं है जो कि आने वाले समय में देवभूमि के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इन सब से संतुष्ट होने के बाद ही उनको जमीन खरीदने की इजाजत दी जाएगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जिलों में जहां पर नई प्लॉटिंग हो रही है वहां पर नियमानुसार सभी कार्यवाही की जाएगी और यदि कहीं से भी कोई शिकायत आ रही है तो संबंधित अफसरों पर भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। सीएम धामी ने कहा कि आने वाले समय में जमीनों पर किसी भी हालात में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा और अगर यदि ऐसा हो रहा है तो तुरंत ही उन पर कार्यवाही की जाएगी। सीएम धामी का कहना है कि यह अतिक्रमण हटाने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा उत्तराखंड अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाता।