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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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देहरादून: उत्तराखंड में आफत की बारिश एक बार फिर कहर बरपाने लगी है। राजधानी देहरादून और आस-पास के इलाकों में नदियां उफनाई हुई हैं, जिससे क्षेत्रवासी डरे हुए हैं।
यहां बांदल और सौंग नदियों समेत दून शहर के कई नदी-नाले उफान पर हैं। कैंपटी फॉल ने भी बीते दिन लोगों को रौद्र रूप दिखाया। राजमार्ग संख्या 707 पर कैंपटी क्षेत्र में कई जगह मलबा आने से यातायात बाधित रहा। खराब मौसम की वजह से पर्यटक भी मसूरी-धनौल्टी की बुकिंग कैंसिल कराने लगे हैं, इससे होटल कारोबारी निराश हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। देहरादून में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। मंगलवार को ओलावृष्टि भी हुई। मसूरी और धनोल्टी क्षेत्र में बारिश होने से मालदेवता क्षेत्र में बांदल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इसके अलावा रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियां भी उफान पर आ गईं।
बांदल नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने कहा कि बीते साल आपदा के वक्त यहां कुछ अस्थाई पुल बनाए गए थे, लेकिन ये पुल इस मानसून से पहले हुई बारिश में ही बह गए। अभी हालात ये हो गए हैं कि बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे। सड़कों पर जलभराव की वजह से आवाजाही मुश्किल हो गई है। देहरादून में बुधवार को मोहकमपुर, हर्रावाला आदि क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई। इससे हरिद्वार हाईवे पर आईआईपी के सामने फ्लाईओवर से पहले जलभराव हो गया। जलभराव की वजह से दून की सड़कें जाम से जूझती रहीं। उधर, मौसम खराब होने और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के कारण केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए नए ऑनलाइन पंजीकरण पर 15 जून तक रोक लगा दी गई है। अब तीर्थयात्री 16 जून के बाद ही यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।