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देहरादून: उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में सफर करते वक्त यात्री हमेशा डरे हुए रहते हैं।
यहां सफर के दौरान चलती बस का स्टेयरिंग जाम होना, ब्रेक फेल होना और कमानी टूट जाना बेहद आम है। ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब निगम की बसें सड़क में खराब न होती हों। बीते दिन मसूरी में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहां उत्तराखंड परिवहन निगम की बस मसूरी से देहरादून आ रही थी, तभी बस के ब्रेक फेल हो गए। अगर चालक ने समझदारी से काम न लिया होता तो बस सीधे खाई में गिरती। मुसीबत के वक्त में ड्राइवर ने सूझबूझ से काम लिया और बस को एक पहाड़ी से टकरा दिया। जिससे बस में सवार 40 यात्रियों की जान बच गई। जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम करीब चार बजे सवारियों से भरी बस मसूरी के लाइब्रेरी बस स्टैंड से देहरादून के लिए रवाना हुई। बस करीब 400 मीटर आगे ही पहुंची थी कि उसके ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर चालक धीरज मुनि शाह ने सूझबूझ से बस को एक पहाड़ी से टकरा दिया। जिससे बस रुक गई और सभी सवारियों की जान बच गई।
बाद में सवारियों को दूसरी बस से देहरादून भेजा गया। इस मामले में परिवहन निगम पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने की वजह से निगम प्रबंधन कार्यशाला में ऑफ रोड खड़ी बसों को भी मसूरी भेज दे रहा है। दून-मसूरी मार्ग की बात करें तो तीन माह में दूसरी बार बस के ब्रेक फेल हो गए। दोनों ही बार चालक ने समझदारी दिखाकर यात्रियों की जान बचा ली, लेकिन ऐसा कब तक चलेगा। बता दें कि बस का ब्रेक फेल होने की वजह से पिथौरागढ़ में 20 जून 2016 को निगम के चालक समेत 14 यात्रियों की मौत हो गई थी, 2 अप्रैल को मसूरी से दून आ रही एक अन्य बस खाई में गिर गई थी, हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन निगम प्रबंधन ने इन हादसों से कोई सबक नहीं लिया। निगम की ओर से यात्रा मार्गों पर खटारा बसें भेजकर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।