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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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नैनीताल: उत्तराखंड में जिस्मफरोशी का धंधा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। लगातार उत्तराखंड के अलग अलग शहरों से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं।
चाहे देहरादून हो या ऋषिकेश, चाहे हल्द्वानी हो या रुद्रपुर, यहां तक कि धर्मनगरी हरिद्वार भी इससे अछूता नहीं रहा। अब एक बार फिर से काठगोदाम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हल्द्वानी शहर के स्पा सेंटरों में सेक्स रैकेट लगातार पकड़े जा रहे हैं। इस बीच पुलिस ने एक और कार्यवाही की है। यहां सेक्स रैकेट की सूचना पर पुलिस ने प्लान बी स्पा में छापा मारा। मौके पर पलिस को सबूत ही नहीं काॅलगर्ल भी मिल गई। छापेमारी में रिसेप्शनिस्ट मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कमरे से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। काठगोदाम पुलिस ने एक महिला और पुरुष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मौके से 5 कॉलगर्ल पकड़ी गई हैं। गिरोह की सरगना महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार काठगोदाम में स्पा सेंटरों और होटल में सत्यापन कराया जा रहा था। तभी नैनीताल रोड स्थित प्लान बी स्पा में सैक्स रैकेट की सूचना मिली। आगे पढ़िए
जिसके बाद पुलिस टीम ने प्लान बी स्पा में छापेमारी कर दी। जैसे ही पुलिस अंदर पहुंची तो रिशेप्सन पर बैठा युवक मौके से फरार हो गया। अचानक हुई छापेमारी से स्पा सेंटर में हड़कंप मच गया। डर से स्पा सेंटर में मौजूद युवतियां एक कमरे में दुबक गईं। पुलिस ने जब कमरों की तलाश की तो एक कमरे में रखे बेड के गद्दे के नीचे से गर्भ निरोधक वस्तुएं और दवाओं के खाली रैपर मिले, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। तभी दूसरे कमरे में पुलिस को पांच लड़कियां मिली। जब पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह काठगोदाम निवासी अंजू गुप्ता और फरीदाबाद हरियाणा निवासी अरुण गुलाटी पुत्र हरविंदर गुलाटी के कहने पर स्पा में काम कर रहे है। इस काम में महिला व अरुण ग्राहकों से डील करते है। काम का पैसा रिशेप्सन पर ही जमा हो जाता है। पुलिस कालगर्लाें की काउंसिलिंग करा रही है।काठगोदाम निवासी सरगना अंजू गुप्ता पत्नी दीपक गुप्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे आरोपी अरुण गुलाटी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस दौरान पता चला कि विगत 30 मई के बाद से स्पा में आने वाले लोगों का कोई लेखा-जोखा रजिस्टर में दर्ज नहीं था।