देहरादून: मां ने 15 वर्षीय बेटी का किया सौदा, अपहरण की झूठी कहानी रची.. 4 आरोपी गिरफ्तार

देहरादून में 15 वर्षीय नाबालिग के कथित अपहरण मामले में बड़ा खुलासा। पुलिस के अनुसार मां ने आर्थिक तंगी के चलते बेटी को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया और बाद में अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। चार आरोपी गिरफ्तार।
Advertisement Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!

Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast

Example Ads Media
Dehradun minor case: Mother Arrested for Selling Minor Daughter in Dehradun
Image: Mother Arrested for Selling Minor Daughter in Dehradun

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, जिस महिला ने अपनी बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, उसी पर आर्थिक तंगी के चलते नाबालिग का सौदा करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर उसकी मां समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

Mother Arrested for Selling Minor Daughter in Dehradun

राजपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 5 जुलाई को अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और नाबालिग की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच के दौरान पुलिस को नाबालिग के मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में होने की जानकारी मिली।

मुजफ्फरनगर से नाबालिग बरामद

पुलिस ने मुजफ्फरनगर में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि नाबालिग को उसकी मां से डेढ़ लाख रुपये में खरीदा गया था। बाद में विवाह कराने के उद्देश्य से उसे कथित रूप से दो लाख रुपये में दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में एक महिला बिचौलिया और पीड़िता की मां को भी गिरफ्तार कर लिया। आगे पढ़िए..

पुलिस का दावा: मां ने कबूला सौदा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पीड़िता की मां ने बताया कि उसकी मुलाकात एक समारोह में महिला बिचौलिया से हुई थी। आर्थिक तंगी के कारण उसने कथित तौर पर अपनी बेटी को बेचने का सौदा किया। पुलिस का कहना है कि उसे सौदे की रकम में 80 हजार रुपये मिले थे, जबकि शेष राशि बाद में देने का वादा किया गया था। पुलिस के मुताबिक, जब पूरी रकम नहीं मिली और मामला सामने आने का डर हुआ तो महिला ने बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।

गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 64, 65(1), 87, 143 और 3(5) के साथ पॉक्सो अधिनियम की धाराएं 5(एल)/6 तथा 16/17 भी जोड़ दी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरनगर निवासी दो पुरुष, एक महिला बिचौलिया तथा पीड़िता की मां शामिल हैं।

मानव तस्करी के नेटवर्क की भी जांच

राजपुर थाना प्रभारी पीड़ी भट्ट के अनुसार, पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी नाबालिगों की खरीद-फरोख्त या मानव तस्करी के मामलों में शामिल रहे हैं। साथ ही पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।