उत्तराखंड में बाघों पर अंतर्राष्ट्रीय शिकारी गिरोह की नजर, केन्द्र सरकार ने जारी किया अलर्ट

बाघ की मौत के मामले उत्तराखंड तीसरे नंबर पर, प्रशासन हुआ चिंतित, उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से घुस रहे हैं तस्कर
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Uttarakhand Tiger Death: Alert issued after death of tigers in Uttarakhand
Image: Alert issued after death of tigers in Uttarakhand

हरिद्वार: उत्तराखंड में तेजी से वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो रहे हैं।

Alert issued in Uttarakhand after death of tigers

अब विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट पार्क और राजाजी पार्क सहित देशभर के आठ टाइगर रिजर्व में अंतरराष्ट्रीय शिकारी गिरोह के घुसने के इनपुट के बाद केंद्र सरकार ने उत्तराखंड, यूपी, एमपी सहित विभिन्न राज्यों को रेड अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा तीन बाघ बहुल वन क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। हाल जी में देश के कुछ हिस्सों में वन्यजीव अंगों के साथ पकड़े गए कुछ तस्करों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि उत्तराखंड में भी वन्य तस्कर सक्रिय हो रखे हैं। बताया कि टाइगर रिजर्व खासकर सतपुड़ा, तादोबा, पेंच, कॉर्बेट, अमानगढ़, पीलीभीत, वाल्मीकि और राजाजी टाइगर रिजर्व (नेशनल पार्क) के आसपास कुछ बड़े शिकारी गिरोह बाघ के शिकार की फिराक में हैं। आगे पढ़िए

Uttarakhand Tiger Death Data

बालाघाट, गढ़चिरौली और चंद्रपुर जैसे वन क्षेत्रों में भी ऐसे गिरोह की नजर है। यह भी कहा गया कि टाइगर रिजर्व समेत तमाम क्षेत्रों में आसपास तंबुओं, मंदिरों, बस-रेलवे स्टेशन, खाली भवनों में इनके छुपने की आशंका है। ऐसे में राजाजी टाइगर रिजर्व के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। इसी बीच एक सर्वे ने भी सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इस साल अब तक देश में 99 बाघ मारे गए हैं, जिनकी मौत शिकार, दुर्घटना, आपसी संघर्ष या दूसरे कारणों से हुई। 26 मौतों के साथ मध्य प्रदेश नंबर वन पर है। 19 मौतों के साथ महाराष्ट्र दूसरे और 12 मौतों के साथ उत्तराखंड तीसरे नंबर पर पांच मौतें अकेले कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में हुईं। ऐसे में प्रशासन अलर्ट हो गया है।