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देहरादून: राजधानी देहरादून में जमीन की रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं मगर इस बीच एक बड़ा मामला सामने आया है।
रजिस्ट्रियों के डाटाबेस में भी सेंध लगाने का मामला सामने आया है। डाटाबेस में छेड़छाड़ कर जमीनों के रकबा और स्वामित्व तक बदल दिए गए। इसकी जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। महानिरीक्षक निबंधन (आइजी स्टांप) डा. अहमद इकबाल और जिलाधिकारी (डीएम) देहरादून सोनिका ने स्टांप मुख्यालय समेत रजिस्ट्री कार्यालयों का मुआयना कर मामले का पता लगाने का प्रयास किया। आगे पढ़िए
दरअसल देहरादून जिलाधिकारी को कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं, जिसमें विभिन्न व्यक्तियों ने यह आरोप लगाया कि उनके नाम पर पुश्तैनी जमीन चली आ रही है, जबकि कुछ अन्य लोग संबंधित भूमि को अपनी बता रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के पास रजिस्ट्री भी है। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री किए जाने के प्रमाण तो नहीं मिले, लेकिन डाटाबेस में मनमाफिक बदलाव करा लिए गए। रजिस्ट्री/स्टांप के डाटाबेस में गोल्डन फारेस्ट से लेकर अन्य भूमि के रकबा और स्वामित्व बदल दिए गए हैं। रजिस्ट्री के डाटाबेस में छेड़छाड़ की बात सामने आने के बाद डीएम ने रजिस्ट्री कार्यालय के रिकार्ड रूम के साथ राजस्व विभाग के रिकार्ड रूम की भी पड़ताल की। डीएम का कहना है कि प्रकरण की गहन जांच कर फर्जीवाड़े की स्थिति स्पष्ट की जाएगी।