उत्तराखंड में अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम, 2 मिनट में पढ़िए Uttarakhand weather report

Uttarakhand weather report अगले चार दिनों तक बारिश यूं ही मुसीबतें बढ़ाती रहेगी। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Uttarakhand weather report july: Uttarakhand next four days weather report
Image: Uttarakhand next four days weather report

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में मानसून संग आई मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। पहाड़ी इलाकों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है, लोग बारिश के थम जाने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा।

Uttarakhand weather report

अगले चार दिनों तक बारिश यूं ही मुसीबतें बढ़ाती रहेगी। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पहाड़ी इलाकों के साथ ही मैदानी इलाकों में भी जमकर मेघ बरसेंगे। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सात से दस जुलाई तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। एक तरफ बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही तो वहीं मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार जून में पिछले सालों की अपेक्षा कम बारिश हुई है। इसकी वजह चक्रवाती तूफान बिपरजॉय है। बिपरजॉय का असर भले ही उत्तराखंड में न दिखा हो, लेकिन इसके चलते बारिश में कमी जरूर आई है।

अरब सागर के ऊपर आए भीषण चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के चलते झोंकेदार हवाएं चलीं और प्री-मानसून में अच्छी बारिश हुई, लेकिन 25 जून के बाद औपचारिक तौर पर उत्तराखंड में आए मानसून में पूरे महीने में बीते सालों के मुकाबले कम बारिश हुई। उत्तराखंड में लगातार दूसरे साल जून में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा। इस साल जून में 152.4 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 24.4 एमएम कम है। उधर भारी बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। चमोली में गुरुवार को बदरीनाथ हाईवे सुबह करीब पांच बजे छिनका में बंद हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में आए मलबे की वजह से रास्ते पर आवाजाही बाधित रही। हाईवे बाधित होने से करीब 12 हजार तीर्थयात्री और स्थानीय लोगों ने वाहनों और दुकानों में बैठकर हाईवे खुलने का इंतजार किया। इस दौरान करीब दस घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे। बार-बार हो रहे भूस्खलन की वजह से तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।