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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हरिद्वार: हरिद्वार में एक आदमी ने दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए हैरान करने वाली चाल चली।
उसने बेटे के सिर पर मुर्गे का खून लगाया और चोट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस के पास पहुंच गया। लड़का बुरी तरह लहुलूहान था, लेकिन जब उसे मेडिकल के लिए भेजा गया तो पता चला कि लड़के के सिर से रिस रहा खून मुर्गे का है। असल बात ये थी कि व्यक्ति बेटे की चोट का बहाना कर दूसरे पक्ष को फंसाना चाहता था, लेकिन उसकी चाल कामयाब नहीं हो सकी। मामला गंगनहर थाना क्षेत्र का है। रविवार को यहां गुलाबनगर क्षेत्र में दो गुटों में जमकर लाठी-डंडे चले। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। उस वक्त किसी तरह मामला सुलझ गया, लेकिन सोमवार को एक पक्ष ने खुद को लगी चोटों के लिए एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस से संपर्क किया, तो दूसरे पक्ष ने जवाबी एफआईआर दर्ज करने के लिए चोटों का नाटक किया।
इस दौरान दूसरे पक्ष का एक व्यक्ति अपने 15 वर्षीय बेटे के साथ गंगानगर पुलिस स्टेशन पहुंचा, और पुलिस को बताया कि दूसरे पक्ष ने उनके बेटे के सिर पर चोट पहुंचाई है। पुलिस ने 15 वर्षीय लड़के को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेज दिया। वहां पता चला कि दूसरे पक्ष को झूठे मामले में फंसाने के लिए मुर्गे के खून का इस्तेमाल कर चोट की साजिश रची गई। दूसरे पक्ष ने जवाबी एफआईआर दर्ज करने के लिए चोटों का नाटक किया था। जांच के दौरान मेडिकल स्टाफ को लड़के के सिर पर कोई वास्तविक चोट नहीं बल्कि मुर्गे के बाल मिले। लड़के का सिर मुंडवा कर चेक किया गया, लेकिन कोई चोट नहीं दिखी। सख्ती से पूछताछ हुई तो लड़के के पिता ने आरोप कबूल लिया। उसने बताया कि दूसरे पक्ष पर झूठा आरोप लगाने के लिए उसने अपने बेटे के सिर पर मुर्गे के खून का इस्तेमाल किया था। बहरहाल झड़प में शामिल दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है। पुलिस ने इस संबंध में कोई केस दर्ज नहीं किया है।