केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खूब उत्साह दिख रहा है। आगामी 15 सितंबर से यात्रा के फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
Image: Kedarnath Yatra Weather Route Latest Update
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में बारिश का दौर थमते ही चारधाम यात्रा फिर रफ्तार पकड़ने लगी है। केदारनाथ धाम की यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में एक बार फिर उत्साह दिख रहा है।
Kedarnath Yatra Weather Route Latest Update यात्रियों
की आमद बढ़ने से स्थानीय लोग भी खुश हैं, रोजगार के अवसर बढ़े हैं। शनिवार सुबह 8 बजे तक सोनप्रयाग से 2726 श्रद्धालुओं ने धाम के लिए प्रस्थान किया। हालांकि मौसम अब भी यात्रा में बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार की ओर से यात्रियों से मौसम का अपडेट लेकर यात्रा शुरू करने की अपील की गई है। मौसम विभाग की मानें तो शनिवार को पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बागेश्वर, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश की बात करें तो उत्तराखंड में दस साल बाद अगस्त में सबसे कम बारिश हुई। महीनेभर में राज्य में बारिश का आंकड़ा सामान्य से आठ फीसदी कम रहा। इस साल मानसून ने पांच दिन की देरी से उत्तराखंड में दस्तक दी थी।
मानसून काल में प्रदेश के कुछ जिलों में जमकर बारिश हुई। जबकि, कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा। मानसून की दस्तक के बाद चारधाम यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। जगह-जगह सड़कें टूटने की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब जबकि मौसम साफ हो गया है तो केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण के लिए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग की मरम्मत जोरों पर की जा रही है। धाम में 12000 श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए उचित इंतजाम किए जा रहे हैं। 25 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अभी तक 12 लाख 22 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। आगामी 15 सितंबर से यात्रा के फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।