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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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नैनीताल: उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पौड़ी से लेकर पिथौरागढ़ तक ऐसा कोई जिला नहीं, जहां बाघ-गुलदार आतंक न मचा रहे हों।
इस बार एक दुखद घटना कालाढूंगी में हुई है। जहां गुलदार ने 5 साल की मासूम को मार डाला। घटना के वक्त बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी। तभी गुलदार उसे उठाकर ले गया। बाद में बच्ची का क्षत-विक्षत शव घर के पास एक बगीचे में पड़ा मिला। घटना को लेकर गांव के लोगों में रोष है। घटना गुरुवार शाम की है। कालाढूंगी के वार्ड नंबर एक में रहने वाले राजेंद्र सिंह गैड़ा की पांच वर्षीय पुत्री गौरी देर शाम घर के आंगन में खेल रही थी। आगे पढ़िए
इसी बीच वहां घात लगाए बैठा गुलदार बच्ची पर झपट पड़ा। परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने मासूम की खोजबीन शुरू की। दो घंटे की मशक्कत के बाद मासूम बालिका का शव घर से कुछ दूरी पर ही बगीचे में पड़ा मिला। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीण डरे हुए हैं। वहीं बच्ची की मौत के बाद एसडीएम व तहसीलदार ने पीड़ित परिवार के घर पहुंच कर घटना की जानकारी ली। मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने पंचनामा भर बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वन विभाग ने भी इलाके में गश्त बढ़ा दी है। पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।