आमतौर पर गुलदार पिंजरे में होते हैं और लोग आजाद, लेकिन तिलस्यारी गांव में गुलदार का जोड़ा दिनदहाड़े गांव में घूम रहा है, और लोग घरों में कैद हैं।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Two leopards seen in Tilsyari village of Bageshwar
बागेश्वर: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार की दहशत कायम है।
leopards seen in Tilsyari village Bageshwar
इस बार मामला बागेश्वर का है, जहां तिलस्यारी गांव में गुलदार के जोड़े ने दिन के वक्त जमकर आतंक मचाया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। लोगों ने वन विभाग से गांव में पिंजड़ा लगाने की मांग की है, ताकि गुलदार के जोड़े को पकड़ा जा सके। घटना तिलस्यारी गांव की है। सोमवार को दिन के वक्त जब यहां के निवासी अपने रोजमर्रा के कामों में बिजी थे, तभी गुलदार का जोड़ा गांव में आ धमका। गुलदारों की दहाड़ से पूरा गांव बुरी तरह थर्रा गया, ग्रामीण भी दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान गुलदार के जोड़े ने गांव में जमकर आतंक मचाया, इतना ही नहीं गुलदार ने एक मवेशी को भी अपना निवाला बना लिया। आगे पढ़िए
गुलदार का जोड़ा दिनभर बेखौफ होकर गांव में घूमता रहा। गांव की सड़कों पर गुलदार को देख लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने शोर मचाकर गुलदार को भगाने की कोशिश भी की, लेकिन फिर भी गुलदार नहीं भागा। गुलदार के जोड़े ने बहादुर सिंह फर्सवाण की भैंस को दिनदहाड़े अपना निवाला बना लिया। गुलदार का जोड़ा कभी खेतों में दिखाई दे रहा है, तो कभी आसपास की झाड़ियों में छिप जा रहा है। गुलदार की बढ़ती धमक से ग्रामीणों को अपने पालतू जानवरों के साथ ही बच्चों की चिंता सताने लगी है। महिलाओं ने डर की वजह से खेतों में जाना छोड़ दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में पिंजड़ा लगाने की मांग की, ताकि गुलदारों को पकड़ा जा सके।