Uttarakhand: 72 घंटे से टनल में फंसे हैं 40 लोग, पाइपलाइन से दी जा रही है ऑक्सीजन

Uttarkashi Silkyara Tunnel में फंसे सभी मजदूर दिवाली मनाने के लिए घर जाने वाले थे, लेकिन ऐसा हो पाता उससे पहले ही सुरंग ढह गई।
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Uttarkashi Silkyara Tunnel: 40 people are trapped in Uttarkashi Silkyara Tunnel
Image: 40 people are trapped in Uttarkashi Silkyara Tunnel

उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन टनल के ढहने से कई मजदूर वहां फंसे हुए हैं।

40 people are trapped in Uttarkashi Tunnel

मलबे को हटाने का काम जारी है, ताकि टनल में फंसे मजदूरों को बचाया जा सके। बताया जा रहा है कि टनल में 35 से 40 मजदूर फंसे हैं। वॉकी-टॉकी के थ्रू टनल में फंसे मजदूरों से संपर्क हुआ है। मलबा हटाने के लिए बड़े स्तर पर राहत कार्य चल रहा है। हैवी एक्सकैवेटर मशीनों को जुटाया गया है। रात में खाने का सामान टनल में फंसे मजदूरों तक भेजा गया। साथ ही टनल में पानी की आपूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। राहत और बचाव अभियान में समन्वय के लिए 24 घंटे अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आगे पढ़िए

सर्किल ऑफिसर प्रशांत कुमार ने कहा कि मलबा लगभग 60 मीटर तक है। जैसे हम मलबा हटा रहे हैं, ऊपर से मलबा गिर रहा है। हमने लगभग 15-20 मीटर तक मलबा हटा लिया है। सभी लोग सुरक्षित हैं। आपको बता दें कि ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा से पोलगांव के बीच राज्य की सबसे लंबी (4.5 किमी) सुरंग बनाई जा रही है। यहां दो शिफ्ट में काम चल रहा है। घटना वाले दिन 40 से 50 मजदूर काम पर गए थे। दिवाली की दिन सुबह 8 बजे शिफ्ट खत्म होने वाली थी, सभी मजदूर दिवाली मनाने के लिए जाने वाले थे, लेकिन ऐसा हो पाता उससे पहले ही सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने से 230 मीटर अंदर सुरंग टूट गई। इस दौरान 3-4 मजदूरों ने भाग कर अपनी जान बचाई। लेकिन अन्य सुरंग के अंदर ही फंस गए। राहत वाली बात ये है कि मजदूरों से लगातार बातचीत हो रही है। Uttarkashi Silkyara Tunnel के अंदर पाइपलाइन के जरिए खाने के पैकेट और ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है।