Uttarakhand: देहरादून में प्रदूषण का नया रिकॉर्ड बन गया, जहरीली हो गई है हवा

देहरादून शहर में सबसे अधिक वायु प्रदूषण घंटाघर, रेसकोर्स रोड, ओएनजीसी चौक और तहसील चौक पर दर्ज किया गया। आगे पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट
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Dehradun Pollution: Pollution level increased in Dehradun
Image: Pollution level increased in Dehradun

देहरादून: दिवाली के बाद दिल्ली एनसीआर के अलावा देहरादून की हवा भी जहरीली हुई है।

Pollution level increased in Dehradun

इस बार दिवाली पर लोगों ने इतने पटाखे फोड़े कि हरी-भरी दून घाटी में प्रदूषण के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। यहां एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है। हर तरफ धुंध की चादर छाई है। महज 24 घंटे के भीतर यहां एक्यूआई 268 बढ़ गया। स्मार्ट सिटी ने शहर में 50 डिजिटल स्क्रीन लगाए हैं, जो आटोमेटिक डिवाइस के जरिए वायु गुणवत्ता सूचकांक की जानकारी देते हैं। दिवाली से पहले शनिवार की रात दून में औसत एक्यूआई 132 दर्ज किया गया था, जो कि दिवाली की रात 400 के पार पहुंच गया। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम की रिपोर्ट के अनुसार दून शहर में सबसे अधिक वायु प्रदूषण घंटाघर, रेसकोर्स रोड, ओएनजीसी चौक और तहसील चौक पर दर्ज किया गया। आगे पढ़िए

दून में प्रदूषण के आंकड़ों की बात करें तो दो साल पहले एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया था। उस वक्त घंटाघर में 348 और नेहरू कालोनी में 327 एक्यूआई दर्ज किया गया था। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव सुशांत पटनायक ने कहा कि बोर्ड के डिजिटल स्क्रीन वाले क्षेत्रों में अधिकतम 272 एक्यूआई दर्ज किया गया है। वायु प्रदूषण से होने वाले नुकसान की बात करें तो एक्यूआई बढ़ने पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह कण सांस के अलावा त्वचा रोग, आंखों में जलन, पानी आना, खुजली, जैसी समस्या उत्पन्न करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, अगर एक्यूआई 50 तक है तो खुली हवा में सांस लेना सुरक्षित है। इससे ज्यादा होने का मतलब हवा में (Dehradun Pollution) प्रदूषण है।