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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से उत्तराखंड में बनने वाली 3 बड़े टनल प्रोजक्ट की स्वीकृति का अनुरोध किया है।
अब खास बात ये है कि आखिर ये तीन सुरंगे कहां बननी हैं। पहली सुरंग कुमाऊ में जोलिंगकोंग से बेदांग के बीच होगी, जिसकी लंबाई 05 किमी होगी। इसके अलावा दूसरी सुरंग कुमाऊं में ही सिपू से टोला के बीच होगी। इसकी लंबाई 22 किमी होगी। इसके अलावा तीसरी सुरंग मिलम से लाप्थल के बीच होगी। इसकी लंबाई 30 किमी होगी। सीएम धामी ने पीएम मोदी से इन तीन सुरंग परियोजनाओं की स्वीकृति का अनुरोध किया है। आगे पढ़िए
आपको बता दें कि भारत-चीन सीमा पर दो अलग-अलग घाटियों में स्थित आईटीबीपी की दो चौकियाें को आपस में जोड़ने और सीमांत क्षेत्र के लोगाें को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने दोनों घाटियों को सुरंग मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। इससे पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग और चमोली के लप्थल के बीच की दूरी घटकर 42 किमी रह जाएगी, जो अभी 490 किमी है। भारत-चीन सीमा में वर्तमान में कोई ऐसा सीधा मार्ग नहीं है, जो पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग आईटीबीपी पोस्ट को चमोली के लप्थल में आईटीबीपी पोस्ट को सीधे जोड़ता हो। सामरिक रूप से अति महत्वपूर्ण इन दोनों पोस्टों को 57 किमी की तीन सुरंगों का निर्माण कर 490 किमी की दूरी को कम किया जा सकता है।