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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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अब प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑटोमैटिक टेस्ट देना होगा। इसके लिए प्रदेश में ऑटोमैटिक सेंटर बनाए जाएंगे। जहां कंप्यूटर, सीसीटीवी की मदद से ड्राइविंग टेस्ट लिया जाएगा। परिवहन विभाग ने नियमावली में संशोधन किया है। जिस पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है। कैबिनेट ने सोमवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए परिवहन विभाग की नीति में बदलाव को स्वीकृति दे दी। कैबिनेट से मुहर के बाद अब इसकी अधिसूचना जारी होगी। अभी तक कई ऑनलाइन सेवाओं के प्रबंधन को परिवहन विभाग 50 रुपये यूजर चार्ज लेता आया है। जबकि ऑटोमैटिक टेस्ट के बाद 100 रुपये यूजर चार्ज अलग से देय होगा। आगे पढ़िए
यानि ऑटोमैटिक टेस्ट के लिए यूजर से 100 रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे। योजना के तहत प्रदेश में 21 ड्राइविंग टेस्ट सेंटर बन रहे हैं, जिनमें से आठ प्रस्ताव परिवहन विभाग ने पास भी कर दिए हैं। सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि अभी तक देहरादून में ऑटोमेटिक टेस्ट सेंटर से टेस्ट के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी होते आए हैं, लेकिन अब प्रदेश में सभी 21 एआरटीओ क्षेत्रों में ऐसे सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें से आठ के प्रस्ताव को पास किया जा चुका है। बाकी पर भी काम चल रहा है। आने वाले समय में इन सेंटर पर टेस्ट के बाद ही डीएल जारी होगा, बिना टेस्ट के डीएल नहीं बनेगा। इन सेंटर के संचालन पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए 100 रुपये यूजर चार्ज का प्रावधान किया गया है।