लाल किले पर दिखेगी देवभूमि की संस्कृति, भारत पर्व पर प्रदर्शित होगी विकसित उत्तराखंड की झांकी

23 से 31 जनवरी तक मनाए जाने वाले भारत पर्व में पहली बार विकसित उत्तराखंड की झांकी देखने को मिलेगी।
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Viksit Uttarakhand Jhanki 26 January : Tableau of developed Uttarakhand will be displayed at Bharat Parv
Image: Tableau of developed Uttarakhand will be displayed at Bharat Parv

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था। ये बात काफी हद तक सच साबित हो रही है।

Tableau of developed Uttarakhand will be displayed at Bharat Parv

उत्तराखंड प्रगति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस बार दिल्ली में होने वाले भारत पर्व में लोग विकसित उत्तराखंड की झांकी भी देख सकेंगे। दिल्ली के लाल किले में 23 से 31 जनवरी तक मनाए जाने वाले भारत पर्व पर पहली बार विकसित उत्तराखंड की झांकी दिखेगी। जिसमें राज्य की विकास यात्रा को प्रदर्शित किया गया है। सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक व नोडल अधिकारी केएस चौहान ने बताया कि विकसित उत्तराखंड झांकी के अग्र भाग में कुमाऊंनी महिला को पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत करते हुए दिखाया गया है। झांकी के मध्य भाग में होम स्टे को प्रदर्शित किया गया। इस योजना से हजारों ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के सरमोली गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया था। इसके अतिरिक्त लखपति दीदी योजना से राज्य की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वयं सहायता समूह में कार्य करते हुए स्थानीय महिलाएं व सुंदर पहाड़ों में सौर ऊर्जा और मोबाइल टावर को भी उकेरा गया है। झांकी के अंतिम भाग में ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, रोपवे और भारत के प्रथम गांव माणा के लिए रोड कनेक्टिविटी को दर्शाया गया है। इसके अलावा राज्य के मोटे अनाज मंडुवा, झंगोरा, रामदाना व कौणी की खेती, राज्य पक्षी मोनाल को भी झांकी में दर्शाया गया है। केदारनाथ धाम के दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम है। इसे ध्यान में रख उत्तराखंड सरकार भी तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की कवायद में जुटी है।