ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तराखंड के छोटे-छोटे गांव भी रेल सेवा से जुड़ जाएंगे..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rishikesh-Karnprayag Railway Line Reaches Gauchar
चमोली: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
Rishikesh-Karnprayag Railway Line Reaches Gauchar
परियोजना के पूरा होने के बाद उत्तराखंड के छोटे-छोटे गांव भी रेल सेवा से जुड़ जाएंगे, पर्यटन के साथ रोजगार बढ़ेगा। यहां नए शहर भी विकसित किए जाएंगे। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के तहत 12 बड़े रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 11 को छोटे-छोटे शहरों के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सभी 11 स्टेशनों के विकास के लिए धामी सरकार ने मास्टर प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में रविवार को ऐसा ही एक नया स्टेशन जुड़ गया है। यहां काम कर रही मेघा इंजीनियरिंग कंपनी ने गौचर तक की सहायक 15 नंबर टनल को बिग थ्रो कर दिया है।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की 125 किमी लंबी रेल लाइन पर नरकोटा से गौचर तक लगभग 27 किलोमीटर का निर्माण कार्य चल रहा है। गौचर के नजदीक ITBP 8 वीं वाहिनी के कार्यालय से भटनगर तोक तक लगभग 3 किलोमीटर की रेललाइन का काम फाइनल स्टेज में है। कंपनी ने रविवार को मुख्य टनल की सहायक टनल को आर-पार कर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन में गौचर को भी जोड़ दिया है। आगे पढ़िए...
ये एक बड़ी उपलब्धि है। बनाई जा रही मुख्य टनल का निर्माण कार्य भी दो महीने में पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले नरकोटा से जवाड़ी बाईपास तक 3.2 किलोमीटर लम्बी टनल को आर-पार किया गया था। इस काम में 170 से भी ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों की टीम दो साल से काम में लगी थी। इस्कर बाद गौचर से घोलतीर की टनल को मई 2024 तक थ्रो कर दिया जाएगा। इन टनलों को पूरा करने के लिए मई 2025 का टारगेट दिया गया है। उम्मीद है कि टारगेट समय पर पूरा होगा।
इस अवसर पर मुख्य परियोजना प्रबंधक अजीत सिंह यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर हरेंद्र कुमार, हरिदयानंद सिंह, सीनियर प्लानिंग मैनेजर हाकिम मुजामिल के साथ ही रेजीडेण्ट इंजिनियर सुभाष ठाकुर, लाइजनिंग अधिकारी विनोद चौधरी,टी सी एम विनयपाल,भू वैज्ञानिक अनिल मलेठा, आनंदपाल, और टनल इंजिनियर विक्रांत, दीपक, इलेक्ट्रिकल मैनेजर व्यासदेव शर्मा, सर्वे इंचार्ज प्रफुल्ला कुमार, मैकेनिक इंजिनियर राहुल, भरत आदि अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपस में ही मिष्ठान वितरण किया। राज्य समीक्षा के टीम की और से भी आपको बधाइयां।