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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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देहरादून: ले. कर्नल रिजेश आर उन्नीथन वर्तमान में मिलिट्री अस्पताल में बतौर एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट तैनात हैं। उन्होंने स्टॉक में निवेश के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन किया। ग्रुप में दी गई जानकारी पर उन्होंने भरोसा कर पोर्टल में 9 लाख रुपए जमा कर गँवा दिए।
सोशल मीडिया के इस दौर में लोग आगे तो बढ़ रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा सिंडिकेट भी खूब सक्रिय है जो सीधे लोगों को अपने चपेट में ले रहा है, इनका शिकार कोई भी आसानी से बन जाता है। ये लोग लोगों को प्रॉफिट का प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाते हैं, हर बार ये लोग लूटने का कोई नया तरीका ढूंढ ही लेते हैं। इस बार इन्होने देहरादून में तैनात सेना के ले. कर्नल को ट्रेडिंग ग्रुप में जुड़कर उनसे नौ लाख रुपए की ठगी कर ली है। पीड़ित अफसर की तहरीर पर गढ़ी कैंट थाना पुलिस ने गुरुवार को अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गिरीश चंद शर्मा (इंस्पेक्टर कैंट) ने बताया कि ले. कर्नल रिजेश आर उन्नीथन मिलिट्री अस्पताल में बतौर एनेस्थिसियॉलॉजिस्ट तैनात हैं। कुछ समय पूर्व उन्हें व्हाट्सएप पर एक स्टॉक सलाहकार ग्रुप में जोड़ा गया। कर्नल ने काफी वक्त ग्रुप में अपडेट देखी जिसके बाद उन्होंने निवेश करने का मन बना लिया। उन्होंने ग्रुप में बताए गए पोर्टल में जाकर नौ लाख रुपए का निवेश कर दिया। अब उन्हें पोर्टल पर लाभ दिखाया गया लेकिन जब उन्होंने पैसे निकलने की कोशिश की तो वो इसमें असमर्थ रहे जिसके बाद उन्हें पता लगा कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। तब जाकर उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराई और बताया कि बीते एक से सात मई के बीच उन्होंने नौ लाख रुपए जमा किए थे। अब जिन खातों में रकम जमा हुई, पुलिस उनकी जांच कर रही है।