Uttarakhand: CM धामी ने की घोषणा सभी धामों और धार्मिक मेलों के लिए बनेगा यात्रा प्राधिकरण

चार धाम यात्रा शुरू होते ही तीर्थयात्रिओं की भीड़ से व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ रही है जिस कारण सरकार ने यात्रा प्राधिकरण बनाने की घोषणा कर दी है।
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Image: CM Dhami Announced to Create Travel Authority

देहरादून: यात्रा प्राधिकरण चारों धामों समेत प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों और धार्मिक मेलों के लिए बनाया जा रहा है। इस प्राधिकरण में बहुत से ऐसे काम होंगे जो अब तक नहीं हुए हैं। इस सीजन की भीड़ को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है ताकि फिर ऐसी समस्या दुबारा देखने को न मिले।

Travel Authority Will Be Formed For All Dham, Temple And Religious Fairs

उत्तराखंड में अभी चारधाम यात्रा जोरों पर है और अभी यात्रा से जुड़ी तमाम समस्याएं देखने को मिल रही है। कहीं जाम की तो कहीं तय संख्या से अधिक श्रद्धालुओं के पहुँच रहे हैं। सभी को अभी पहले से थोड़ा सा बेहतर किया गया है लेकिन अभी पूर्ण रूप से इसमें व्यवस्था नहीं हो पाई है, तमाम समस्याएं अभी बरकरार हैं। इसलिए प्रदेश सरकार अब चार धाम यात्रा को बेहतर बनाने के लिए यात्रा प्राधिकरण की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में होने वाली यात्राएं, मंदिर, मेले आदि सभी इस प्राधिकरण के अधीन होगा, इससे व्यवस्थाएं काफी बेहतर हो जाएगी।

प्राधिकरण के अंतर्गत होने वाले कार्य

रोजाना लाखों की तादात में श्रद्धालु उत्तराखंड आ रहे हैं, सड़कों पर लगता जाम, यात्रियों की लगातार मौत आदि से फैली अव्यवस्थों को मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश सरकार धार्मिक यात्राओं के लिए एक नया प्राधिकरण बनाने जा रही है। इसके अंतर्गत प्रमुख चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला, कुंभ-अर्धकुंभ मेला, नंदा देवी राजजात, पूर्णागिरि, जोगेश्वर धाम, कैंचीधाम, देवीधुरा आदि और सभी धार्मिक मेले आएंगे। यह प्राधिकरण इन सभी की आधारभूत सुविधाओं के लिए काम करेगा।

ऐसे काम करेगा यात्रा प्राधिकरण

सबसे पहली बात यह प्राधिकरण किसी भी मंदिर के संचालन या उससे जुड़ी व्यवस्था पर हस्तक्षेप नहीं करेगा। इसमें ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए पुलिस और ट्रैफिक पुलिस विभाग अपने जवानों को इस तरह से ट्रेनिंग देंगे कि सालभर वह कहीं भी ड्यूटी करे लेकिन ट्रेनिंग में सिखाई गई बारीकियों से तय होगा की इसी कर्मचारी को ट्रेफिक व्यवस्था में लगाना है और वो अगर किसी अन्य जगहों पर ड्यूटी देता भी है, तो यात्रा के दौरान उस जगह से तत्काल रिलीव करके उस कर्मचारी को यात्रा में लगाया जाएगा। इसी तरह आपदा प्रबंधन में एसडीआरएफ के जवान पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति से वाकिफ हैं, तो उन्हें रेस्क्यू के लिए भेजा जाएगा। इसी तरीके से पीडब्ल्यूडी सिंचाई विभाग स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों में भी उन कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी जो कर्मचारी मौजूदा समय में अपने विभागों में कार्य कर रहे हैं। इन्हीं में से कुछ कर्मचारियों को प्राधिकरण के तहत ड्यूटी दी जाएगी। साथ ही उन्हीं डॉक्टरों को ड्यूटी में लगाया जाएगा जिनका यात्रा में अनुभव होगा।

पहले ही तैयार रहेगी अधिकारियों और कर्मचारी की लिस्ट

सरकार इस तरह से पूरा का पूरा सिस्टम तैयार करना चाहती है। प्रदेश में होने वाले किसी भी पर्व, चुनाव, अन्य कोई भी मूवमेंट हों तो पहले से ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की लिस्ट तैयार रहेगी। वह अधिकारी कर्मचारी सब काम छोड़कर यात्रा भीड़ मैनेजमेंट, ट्रैफिक मैनेजमेंट की जिम्मेदारी ही संभालेंगे। इससे सरकार को हर साल यह तैयारी नहीं करनी पड़ेगी कि किस कर्मचारी या अधिकारी की ड्यूटी कहां पर लगाई जाए। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे मसौदे पर अपनी मुहर लगाकर इस पर अधिकारियों को आगे काम करने का दिशा निर्देश दिया है।