देहरादून: जमीन बेचने के नाम पर 90 लाख की धोखाधड़ी, कब्जा तो नहीं मिला उल्टा धमकियां मिलने लगी

राजधानी देहरादून में अक्सर जमीन की खरीद फरोख्त से जुड़े मामले आते हैं, जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी के कई केस शामिल होते हैं। इस तरह के मामलों में बिचौलियों और एजेंटों द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को ठगा जाता है।
Advertisement ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Fraud of Rs 90 Lakh in Dehradun: Fraud of Rs 90 lakh for selling land in Dehradun
Image: Fraud of Rs 90 lakh for selling land in Dehradun

देहरादून: एक व्यक्ति ने प्रेमनगर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनपर आरोप लगाया है कि इन्होने विधौली स्थित जमीन बेचने की डील कर 90 लाख रुपये हड़प लिए लिए हैं।

Fraud of Rs 90 lakh for selling land in Dehradun

प्रेमनगर थाना के एसओ गिरीश नेगी ने जानकारी दी कि कपिल मलिक, निवासी सेक्टर-56, नोएडा, यूपी की शिकायत पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता कपिल मलिक ने बताया कि किशन पाल सिंह उर्फ केपी सिंह, निवासी मिट्ठी बेहड़ी ने विधौली स्थित अपनी जमीन दिखाकर उनके और उनके पिता के नाम पर रजिस्ट्री करवाई। इस रजिस्ट्री प्रक्रिया में केपी सिंह का बेटा आशीष और प्रेमनगर माफी निवासी योगेंद्र विद्यार्थी भी शामिल थे। पीड़ित कपिल मलिक ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि आरोपी पहले ही उस जमीन का काफी हिस्सा बेच चुके थे। इसके चलते मलिक परिवार को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका और उल्टा उन्हें धमकियां मिलनी शुरू हो गईं। एसओ नेगी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
देहरादून में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जमीन माफिया फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को ठगने में लगे हुए हैं। पुलिस ने जनता को सतर्क रहने और जमीन खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल करने की सलाह दी है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी को रोका जा सके और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।