पिथौरागढ़: 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म, आरोपी को अब मिला आजीवन कारावास

अपराध ने इस कदर उत्तराखंड में पैर पसार लिए हैं कि अब यहाँ के शांत और सुरक्षात्मक वातावरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
80 year old woman raped: 80 year old woman raped in Pithoragarh
Image: 80 year old woman raped in Pithoragarh

पिथौरागढ़: यहाँ एक गांव के युवक ने 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला जो कि अकेले रहती थी, उनके घर में घुसकर मारपीट करके दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद मामला जिला स्तर सत्र न्यायालय में चला और अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

80 year old woman raped in Pithoragarh

मिली जानकारी के अनुसार यह मामला पिथौरागढ़ जनपद के जाजरदेवल थाना क्षेत्र का है जहाँ पर एक 80 साल की वृद्धा अकेले रहती थी और गाँव के ही एक युवक मुकेश सिंह बिष्ट ने 8 फरवरी 2023 को घर में घुसकर बुजुर्ग महिला से मारपीट की और फिर कुकर्म किया। चीख-पुकार सुनकर आस पड़ोस के लोग जब वहां पहुंचे तो वह फरार हो चुका था। जिसके बाद परिजनों ने जाजरदेवल थाने में आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 450, 376 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया और फिर यह मामला जिला सत्र न्यायलय में चला।

सभी धाराओं में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा

सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुकेश सिंह बिष्ट को आईपीसी की धारा 323 के अपराध में दोषी ठहराते हुए एक साल की कठोर जेल और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं किया गया तो एक महीने की अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी पड़ेगी। धारा 450 के तहत आरोपी को 10 वर्षों की कठोर कारावास की सजा और 20,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। यदि अर्थदंड का भुगतान नहीं किया जाता है, तो दो साल की अतिरिक्त कठोर कैद की सजा भुगतनी होगी। धारा 376(2) के अंतर्गत आरोपी को आजीवन कारावास और 50,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को पांच वर्षों की अतिरिक्त कठोर कैद की सजा भुगतनी होगी। सभी सज़ाएँ एक साथ लागू होंगी। इस मामले की पैरवी राज्य सरकार की ओर से डीजीसी फौजदारी प्रमोद पंत और एडीजीसी प्रेम भंडारी ने की है।