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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
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देहरादून: शुक्रवार 5 जुलाई को बोर्ड अध्यक्ष एवं मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की बोर्ड बैठक हुई।
UPCL की बोर्ड बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन एक मुद्दा जो पूरी बैठक में प्रमुखता से छाया रहा, वह यह था कि करीब एक हजार करोड़ रुपये जो ट्रू अप में नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अप्रैल में जारी टैरिफ में उनका प्रावधान नहीं किया गया। अप्रैल में नियामक आयोग ने इसके कई कारण बताते हुए इसे टैरिफ गणना से हटा दिया था। शुक्रवार को हुई UPCL की बोर्ड बैठक में एक हजार करोड़ की वसूली के लिए नियामक आयोग में समीक्षा याचिका दायर करने की मंजूरी दी गई। इसकी मंजूरी स्वीकृत होने के बाद आने वाले महीनों में बिजली दरों में करीब आठ फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके साथ ही UPCL की बोर्ड बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत लोड कम (Load Reduction) करने संबंधी कार्यों को मंजूरी दी गई है, जिसके आने वाले समय में टेंडर जारी किए जाएंगे।
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की बोर्ड बैठक समाप्त होने के बाद यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार ने बताया कि अब समीक्षा याचिका (Review Petition) दायर की जाएगी। नियामक आयोग द्वारा ही इस समीक्षा याचिका का निर्णय लिया जाएगा। नियामक आयोग ने इससे पूर्व 2022 में भी अतिरिक्त सरचार्ज लगाकर बिजली उपभोक्ताओं से करीब 500 करोड़ का राजस्व वसूलने का आदेश जारी किया था। नियामक आयोग द्वारा इस अतिरिक्त सरचार्ज को उपभोक्ताओं के छह महीने के बिजली बिल में जोड़ा गया था।
यूपीसीएल ने Fuel and Power Purchase Cost Adjustment (FPPCA) के तहत पिछले माह बाजार से सस्ती बिजली खरीदी थी। इसके बदले में उत्तराखंड में उपभोक्ताओं को जुलाई महीने में बिजली बिल 35 फीसदी तक कम देना पड़ेगा।
1. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 9 से 24 पैसे प्रति यूनिट
2. गैर घरेलू के लिए 35 पैसे प्रति यूनिट
3. निजी नलकूपों के लिए 10 पैसे प्रति यूनिट
4.सरकारी सार्वजनिक उपभोक्ताओं के लिए 33 पैसे प्रति यूनिट
5.एलटी उद्योगों के लिए 32 पैसे, एचटी उद्योगों के लिए 32 पैसे
6.कृषि संबंधी गतिविधियों के लिए 15 पैसे
7.मिश्रित भार के लिए 30 पैसे
8.इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए 29 पैसे
9.रेलवे ट्रैक्शन के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली दर होगी।