हरीश रावत ने घोषणा की है कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाया जाएगा। उन्होंने गैरसैंण की उपेक्षा को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया और उसे जमकर आलोचना का निशाना बनाया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Harish Rawat Promises Gairsain as Permanent Capital in 2027
चमोली: गैरसैंण के रामलीला मैदान में कांग्रेस द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल होकर, पूर्व सीएम ने एक घंटे का मौन उपवास रखा। इसके बाद, मोमबत्ती जलाकर उन्होंने बाजार में जुलूस निकाला, जिसके माध्यम से ग्रीष्मकालीन राजधानी की उपेक्षा की ओर ध्यान आकर्षित करने का संदेश दिया।
Harish Rawat Promises Gairsain as Permanent Capital in 2027
ग्रीष्मकालीन राजधानी को ढूंढने गैरसैंण पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चुटकी लेते हुए सरकार पर निशाना साधा और गैरसैंण की स्थिति पर भी कड़ी आलोचना की। हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस ने मोमबत्ती जलाकर कैंडल मार्च निकाला और चंद्र सिंह गढ़वाली चौराहे से पूरे बाजार में मोमबत्तियों के साथ मार्च किया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि वे ग्रीष्मकालीन राजधानी को ढूंढने के लिए मोमबत्ती लेकर निकले हैं। पूर्व सीएम ने चाय की दुकान पर भी जाकर लोगों से बातचीत की और सरकार की उपलब्धियों का तुलना कांग्रेस के कार्यकाल से की।
कांग्रेस की सरकार आने पर 2027 में स्थायी राजधानी गैरसैंण
धरना प्रदर्शन में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गैरसैंण को प्रभारी अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिया है। गैरसैंण में एसडीएम, नायब तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और चिकित्सा अधिकारियों के पद अब प्रभारियों के भरोसे छोड़ दिए गए हैं। हरीश रावत ने कहा कि 2027 में कांग्रेस की सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाएगी। उन्होंने महिलाओं के दर्द को साझा करते हुए बताया कि उनकी सरकार ने विधानसभा और आवासीय भवनों का निर्माण पूरा किया और सचिवालय के लिए 57 करोड़ रुपये मंजूर किए थे।
25 हजार करोड़ की घोषणा का बाद भी नहीं हुए काम
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गैरसैंण के विकास को रोक दिया है और ग्रीष्मकालीन राजधानी के नाम पर 25 हजार करोड़ रुपये की घोषणा के बावजूद सात साल में एक नई ईंट भी नहीं लगाई। उन्होंने सारकोट गांव के बलिदानी बसुदेव सिंह की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार गैरसैंण से किनारा करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस सड़क पर उतरकर गैरसैंण की लड़ाई जारी रखेगी।