सड़क चौड़ीकरण के लिए हल्द्वानी में दुकानदारों को 4 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद पुलिस की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Ultimatum To Shopkeepers Till 4th September in Haldwani
हल्द्वानी: साल भर पहले दिसंबर में सड़क के दोनों ओर 12-12 मीटर क्षेत्र को चिन्हित किया गया था। सड़क चौड़ीकरण के लिए यह आवश्यक माना गया कि सड़क के मध्य से दोनों तरफ 12-12 मीटर की जगह खाली होनी चाहिए। लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया अब 4 सितंबर के बाद पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई होगी।
Ultimatum To Shopkeepers Till 4th September in Haldwani
जन्माष्टमी के अवकाश के बावजूद सोमवार को नगर निगम, लोनिवि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रोडवेज बस स्टेशन से मंगलपड़ाव तक सड़क चौड़ीकरण के लिए दुकानों की नपाई की। पिछले साल दिसंबर में सड़क के मध्य से दोनों तरफ 12-12 मीटर की जगह चिन्हित की गई थी। नए आदेश के अनुसार दुकानदारों को 4 सितंबर तक मोहलत दी गई है। इस तारीख के बाद अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी।
13 चौराहों का होना है चौड़ीकरण
हल्द्वानी के मुख्य मार्गों में जाम की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जो पर्यटक सीजन के दौरान और भी बढ़ जाती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए पिछले साल शासन ने 13 चौराहों और तिराहों के चौड़ीकरण के लिए 14.23 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। लेकिन जिला प्रशासन ने सर्वे के बाद यह निर्णय लिया कि सिर्फ चौराहों और तिराहों का चौड़ीकरण पर्याप्त नहीं होगा इसके लिए संबंधित सड़कें भी चौड़ी करनी होंगी।
101 दुकानों पर चलेगा बुल्डोजर
चौड़ीकरण के लिए सड़क के मध्य से दोनों तरफ 12-12 मीटर जगह की आवश्यकता बताई गई। इस प्रक्रिया में 101 दुकानों का बड़ा हिस्सा तोड़ना पड़ेगा, खासकर उन दुकानदारों के लिए जिनकी दुकानें सड़क की ओर अधिक बढ़ी हुई हैं। सोमवार को संयुक्त टीम ने फिर से मौके पर जाकर दुकानों की नपाई की। कार्रवाई के लिए अभी नौ दिन बाकी हैं। प्रशासन के निर्देश पर न केवल चौड़ीकरण के लिए आवश्यक हिस्से की नपाई की गई, बल्कि मुख्य मार्ग से जुड़ी दुकानों की कुल लंबाई भी दर्ज की गई। यह भी देखा जाएगा कि तोड़फोड़ के बाद प्रत्येक दुकान का कितना हिस्सा बचेगा, और इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।