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देहरादून: तीस साल पहले उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर हुए आंदोलन के दौरान महिलाओं के साथ हुई छेड़छाड़ और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब कोर्ट में एक गवाह ने दो आरोपियों की पहचान की है। गवाह ने बताया कि लगभग 30 साल पहले उत्तराखंड आंदोलन के दौरान तीन महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसकर्मियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था।
सीबीआई की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई और अब गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मुजफ्फरनगर कोर्ट में चल रहे रामपुर तिराहाकांड से जुड़े सरकार बनाम राधा मोहन द्विवेदी मामले में एक महत्वपूर्ण गवाह ने कोर्ट में पेश होकर दो आरोपियों की पहचान की। गवाह ने बताया कि लगभग 30 साल पहले आंदोलनकारी तीन महिलाओं को गन्ने के खेत में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म और छेड़छाड़ की गई थी। घटना के समय यह गवाह रामपुर तिराहा पर स्थित रघुवंशी ढाबे पर काम करता था और उसने देखा था कि आरोपी महिलाओं को खींचकर खेत में ले गए थे।
सीबीआई की जांच के बाद इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें राधा मोहन द्विवेदी के खिलाफ सुनवाई हो रही है। विशेष लोक अभियोजक धारा सिंह मीणा ने बताया कि गवाह अनिल जो पहले भी कोर्ट में पेश हुआ था, उन्हीने इस बार आरोपी रणपाल और संजीव कुमार की शिनाख्त की। इससे पहले 13 अगस्त को उसने एक और आरोपी नरेश त्यागी की पहचान की थी। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है।