अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे ने अब सन्यासी प्रकाशानंद गिरी के रूप में नया जीवन शुरू किया है। जूना अखाड़ा के थानापतियों ने अल्मोड़ा जेल में उन्हें दीक्षा दी।
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Image: Underworld Don PP declared Successor of Several Monasteries Juna Akhara
अल्मोड़ा: अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे जिन्हें पीपी के नाम से भी जाना जाता था, अब सन्यासी प्रकाशानंद गिरी के नाम से जाने जायेंगे। इसके अलावा प्रकाशानंद गिरी को जूना अखाड़े के कई मठों व आश्रमों का उत्तराधिकारी बनाया गया है।
Underworld Don PP declared Successor of Several Monasteries Juna Akhara
कुख्यात डॉन प्रकाश पांडे को अब सन्यासी प्रकाशानंद गिरी के रूप में जाना जाएगा। वे अल्मोड़ा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जूना अखाड़ा के थानापतियों ने उन्हें जेल में दीक्षा दी और कई मठों और आश्रमों का उत्तराधिकारी घोषित किया। जूना अखाड़ा की ओर से अल्मोड़ा आए थानापतियों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर कुख्यात डॉन प्रकाश पांडे को जिला कारागार में दीक्षा दी। इसके साथ ही उन्हें जूना अखाड़े के विभिन्न मठों और आश्रमों का उत्तराधिकारी भी घोषित किया गया। गुरुवार को अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान श्रीपंचदसनांग जूना अखाड़ा के थानापति राजेंद्र गिरी ने बताया कि दीक्षा के लिए प्रकाशानंद गिरी, पूर्व में प्रकाश पांडे के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने धार्मिक जीवन की ओर जाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है।
प्रकाशानंद गिरी इन मठों व आश्रमों का उत्तराधिकारी बने
प्रकाशानंद गिरी को अंसेश्वर मठ मुनस्यारी, माता का मठ गंगोलीहाट, लमकेश्वर, यमनोत्री में भैरव और भद्रकाली मंदिर के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। थानापति राजेंद्र गिरी ने बताया कि इस नियुक्ति का आधार प्रकाशानंद गिरी की धार्मिक जीवन की इच्छा थी, जिससे धर्म का प्रचार और प्रसार हो सके। जेल में 11 लोग पहुंचे थे लेकिन केवल तीन लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति मिली जिन्होंने वस्त्र आदि देकर दीक्षा अनुष्ठान किया। अब प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेले में उनकी अग्रिम प्रतिक्रियाएं की जाएगी। इसके अलावा उन्हें जूना अखाड़ा में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है।