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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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पौड़ी गढ़वाल: कहते हैं वक्त के साथ हर जख्म भर जाता है, दर्द कम हो जाता है, लेकिन कुछ जख्म गुजरते वक्त के साथ भी नहीं भरा करते। 8 दिसंबर 2021 को देश को ऐसी ही क्षति उठानी पड़ी थी, जब देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत एक हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हो गए थे। आज उस हादसे को तीन साल हो गये।
जनरल रावत को जनवरी 2020 में देश का पहला सीडीएस नियुक्त किया गया था। उससे पहले 17 दिसंबर 2016 को भारत सरकार ने उन्हें 27वें थल सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया था। वो मूलरूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के सैंणा गांव के रहने वाले थे। पूर्व सीडीएस बिपिन रावत ने अपने सैन्य काल में देश की रक्षा के लिए कई बड़े निर्णय लिए। उनके पिता एलएस रावत भी सेना में बड़े अधिकारी थे। वे भारतीय सेना के डिप्टी चीफ के पद से रिटायर हुए थे।