वित्त सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न दुर्गम सरकारी स्कूलों में 2015 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को शुरुआत में जॉइनिंग के हिसाब से मानदेय दिया गया था जिसे समय अनुसार बढ़ाया गया है। 2018 में 15000 से शुरू हुआ मानदेय 2021-22 में 25 हजार कर दिया गया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Proposal to increase guest teachers salary cancelled
देहरादून: उत्तराखंड के शिक्षकों का मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये किए जाने का प्रस्ताव वित्त विभाग ने रद्द कर दिया है। शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने पिछले महीने माध्यमिक अतिथि शिक्षाओं की तनख्वाह बढ़ने के प्रस्ताव को वित्त विभाग को भेजा था, जिसे रद्द कर दिया गया है।
Proposal to increase guest teachers salary cancelled
शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत द्वारा भिजवाए गए इस प्रस्ताव पर वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने कहा की जल्दी-जल्दी मानदेय बढ़ाया जाना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि इससे पहले अतिथि शिक्षकों का मानदेय 15000 रुपए से बढ़कर ₹25000 किया गया था। वित्त सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न दुर्गम सरकारी स्कूलों में 2015 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को शुरुआत में जॉइनिंग के हिसाब से मानदेय दिया गया था जिसे समय अनुसार बढ़ाया गया है। 2018 में 15000 से शुरू हुआ मानदेय 2021-22 में 25 हजार कर दिया गया। अब शिक्षा मंत्री की शिक्षा विभाग के मार्फत भिजवाई गई अतिथि शिक्षकों की तनख्वाह बढ़ाने की फाइल को वित्त सचिव दिलीप जावल करने वापस भिजवा दिया है।
तनख्वाह से इतर भी हैं मुद्दे
अतिथि शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री दौलत जगुड़ी ने बताया कि पहले कैबिनेट में अतिथि शिक्षकों के पदों को खाली न माने जाने का प्रस्ताव आया था, लेकिन इसका शासनादेश नहीं हुआ। इसके अलावा, उनके गृह जिलों में तैनाती का मामला भी अभी तक हल नहीं हो सका है। अतिथि शिक्षकों ने अपने मानदेय को बढ़ाने के साथ-साथ अपने पदों की स्थिरता की मांग भी उठाई है।