Advertisement
केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में एक सशक्त भू कानून की कितनी आवश्यकता है, यह खबर पढ़ कर आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। करीब बारह साल पहले एक व्यक्ति ने उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर कई बीघा जमीन ली और बाद में इस जमीन पर प्लाटिंग करके करीब 300 लोगों को बच दी। मोहित डिमरी और उनके साथी नमन चंदोला ने देहरादून में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा किया है।
भू कानून के लिए अक्सर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने वाले भू कानून समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी और उनके साथ ही नमन चंदोला ने देहरादून के रानी पोखरी इलाके में झीलवाला में सरकारी जमीन पर एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा किया है। करीब बारह साल पहले एक व्यक्ति ने उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर कई बीघा जमीन ली और बाद में इस जमीन पर प्लाटिंग करके करीब 300 लोगों को बच दी। देहरादून के रानी पोखरी के झील वाला में जमीन के नाम पर हुए इस जमीन के खेल में उत्तराखंड के भोले भाले लोगों से कई करोड़ रुपए वसूले गए हैं। अब लोग अपने खून पैसे की कमाई को वापस लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
एक बाहर की कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर लगभग 123 बीघा के आसपास जमीन ली गई। इसके बाद इस जमीन पर प्लाटिंग के नाम पर कई लोगों को जमीन के 300 टुकड़े बेच दिए गए। बेचते वक्त लोगों से प्लॉट की पूरी कीमत की 50% धन राशि एडवांस ली गई। बाद में जब पर्यटन हब की जमीन पर टाउनशिप की परमिशन नहीं मिली तो लोगों को प्लाट भी नहीं मिला और उनका पैसा भी कंपनी गटक गई।