देहरादून जिले में रजिस्ट्री से जुड़े बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। देहरादून, ऋषिकेश और विकासनगर में अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं। प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Dehradun-Rishikesh land registry fraud exposed
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी Dehradun में रजिस्ट्री व्यवस्था से जुड़ा बड़ा घोटाला सामने आया है। यह मामला अब केवल एक कार्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि Rishikesh और Vikasnagar तक फैल चुका है। तीनों स्थानों पर सामने आई अनियमितताओं ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Dehradun-Rishikesh land registry fraud exposed
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि संपत्तियों का मूल्य कम दिखाकर स्टांप शुल्क में हेरफेर किया गया। इससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हुआ। कई मामलों में अभिलेखों में गड़बड़ी और नियमों को दरकिनार कर रजिस्ट्री करने के प्रमाण भी मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर प्रतिबंधित या नियमों के दायरे से बाहर की जमीनों की भी रजिस्ट्री कर दी गई। इससे यह संकेत मिलता है कि जांच प्रक्रिया या तो कमजोर थी या जानबूझकर नजरअंदाज की गई।
DM के आदेश पर बड़ी कार्रवाई
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अब संदिग्ध रजिस्ट्रियों की दोबारा जांच (री-स्क्रूटनी) शुरू कर दी गई है। साथ ही राजस्व नुकसान की वसूली और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। आगे पढ़िए..
विकासनगर में छापेमारी से बढ़ा शक
Vikasnagar में हुई छापेमारी के दौरान वर्षों पुराने मूल दस्तावेज संदिग्ध स्थिति में दबाकर रखे मिले। साथ ही धारा 47-ए के तहत स्टांप शुल्क चोरी के कई मामले भी सामने आए। लगातार सामने आ रही समान गड़बड़ियों से यह साफ है कि मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हो सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने पूर्व में तैनात अधिकारियों के कार्यकाल की भी जांच के आदेश दिए हैं। मामले की गहराई में जाने पर दलालों, वकीलों और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। इससे पूरे रजिस्ट्री सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
कितना बड़ा है नेटवर्क?
लगातार हो रही कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है और कितने समय से सक्रिय था। यदि जांच गहराई तक पहुंचती है, तो आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
देहरादून में सामने आया यह रजिस्ट्री घोटाला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अगर जांच निष्पक्ष और गहराई से हुई, तो यह मामला पूरे सिस्टम में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है।