उत्तराखंड: ₹1.20 लाख रिश्वत लेते हुए ये दो अधिकारी गिरफ्तार, विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

हल्द्वानी सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने बीते शुक्रवार की शाम को आरोपी वरिष्ठ कोषाधिकारी और लेखाधिकारी को 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
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Bribery: Bribe-taker Chief Treasurer and Accounts Officer arrested
Image: Bribe-taker Chief Treasurer and Accounts Officer arrested

नैनीताल: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामले आए दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। अब विजिलेंस टीम ने नैनीताल मुख्य कोषाधिकारी और लेखाधिकारी कोषागार को 1.20 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Bribe-taker Chief Treasurer and Accounts Officer arrested

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार नैनीताल न्यायालय में कार्यरत एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बताया कि उसको और उसके पांच साथियों को एसीपी लगनी थी, जिसके लिए नियमानुसार तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। टीम के दो सदस्यों ने तो कागजात पर अपने हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन टीम के एक सदस्य नैनीताल के वरिष्ठ कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। शिकायतकर्ता और उसके साथियों के बार-बार अनुरोध करने पर वरिष्ठ कोषाधिकारी के कार्यालय में नियुक्त लेखाकार बसंत कुमार जोशी ने उनसे संपर्क किया और उनको कार्यालय में आने के लिए कहा।

हस्ताक्षर के बदले रिश्वत की मांग

कार्यालय पहुँचने पर लेखाधिकारी ने उन्हें बताया कि सीटीओ साहब का कहना है कि आप लोगों का पांच से छह लाख रुपये का एरियर बन रहा है और छह लोग 50-50 हजार रुपये प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से ये रकम देंगे। लेखाकार बसंत कुमार ने उनसे वरिष्ठ कोषाधिकारी दिनेश कुमार राणा के हस्ताक्षर के बदले में 1,20,000 रुपयों की मांग की। जिसके बाद शिकायत कर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा

विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी अनिल मनराल और निरीक्षक भानू आर्या के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम गठित की गई। जिसके बाद इस ट्रैप टीम ने बीते शुक्रवार की शाम को आरोपी वरिष्ठ कोषाधिकारी और लेखाधिकारी को 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। अब आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हल्द्वानी सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम की इस सफलता पर निदेशक सतर्कता डॉ. वी मुरूगेशन ने टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।