Uttarakhand: 12 हजार रुपये में बिका अफसर का ईमान, पेड़ कटवाने के लिए ले रहा था रिश्वत; हुआ गिरफ्तार

Uttarakhand News: किच्छा में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उद्यान विभाग के अधिकारी बादल पांडे को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। शिकायत मिलने के बाद ट्रैप टीम ने यह कार्रवाई की।
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Kichha vigilance raid: Officer arrested red-handed while accepting bribe of Rs 12000
Image: Officer arrested red-handed while accepting bribe of Rs 12000

उधमसिंह नगर: किच्छा में विजिलेंस टीम ने छापेमारी कर एक सरकारी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान बादल पांडे के रूप में हुई है, जो उद्यान विभाग में ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। वो लंबे समय से इस पद पर तैनात थे और स्थानीय स्तर पर उनके पास पेड़ों की कटाई से जुड़ी अनुमति देने की जिम्मेदारी थी। इसी अधिकार का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने रिश्वत की मांग की। इस पूरे मामले की शुरुआत एक लकड़ी ठेकेदार की शिकायत से हुई।

Officer arrested red-handed while accepting bribe of Rs 12,000

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने टोल फ्री नंबर 1064 पर संपर्क कर बताया कि उसने ग्राम गऊघाट में काश्तकारों से आम के पेड़ खरीदे हैं और उन्हें काटने के लिए विभागीय अनुमति की आवश्यकता है। आरोप था कि अनुमति देने के बदले अधिकारी द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी ने कुल 16 आम के पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले ₹12,000 की रिश्वत मांगी थी। यह रकम ठेकेदार के लिए मजबूरी बन गई थी, क्योंकि बिना अनुमति के पेड़ काटना नियमों के खिलाफ है। ऐसे में अधिकारी ने अपनी स्थिति का फायदा उठाकर अवैध धन की मांग की। आगे पढ़िए

ट्रैप ऑपरेशन में रंगे हाथों गिरफ्तारी

शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने एक विशेष ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही अधिकारी ने पैसे लिए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने तुरंत छापा मारकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई उसके कार्यालय में ही की गई, जिससे मौके पर ही सभी सबूत जुटा लिए गए।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

इस कार्रवाई के बाद साफ हो गया है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। विजिलेंस विभाग की सक्रियता और 1064 जैसी हेल्पलाइन के कारण आम नागरिक अब अपनी शिकायत आसानी से दर्ज कर सकते हैं। इस घटना से यह भी संदेश गया है कि रिश्वतखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी पद पर क्यों न हों।